Children's rights seminar instructed to take care of the Internet
Children's rights seminar instructed to take care of the Internet
उत्तराखंड

बाल अधिकार गोष्ठी में बच्चों को इंटरनेट का उपयोग संभलकर करने की दी हिदायत

news

नई टिहरी, 14 जनवरी (हि.स.)। बाल कल्याण समिति ने ग्राम पंचायत स्यूल में गुरुवार को बाल अधिकार गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी में समिति के सदस्य सुशील बहुगुणा ने कहा कि बच्चों को ऑनलाइन माध्यमों के जरिये ही यौन गतिविधियां करने के लिए मजबूर किया जाता है। कम उम्र के लड़के-लड़कियों को झूठे और लुभावने वादे करके बहकाने का काम कर यौन व्यापार, बंधुआ मजदूरी, भीख मांगने, जबरन शादी और घरेलू कामकाज में दासों की तरह इस्तेमाल किया करने का काम किया जाता है। बहुगुणा ने बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी देते हुये सजग रहने की अपील की। गोष्ठी में बहुगुणा ने कहा कि कि बेशक इंटरनेट से लोगों के जीवन को बहुत से लाभ पहुंच रहे हैं, लेकिन बच्चे इंटरनेट के जरिये बच्चे अपराधियों के भी चपेट में आ रहे हैं। इंटरनेट अपराधियों को गोपनीयता और छिपाने में भी मदद देता है। बाल अपराधी कानून की पकड़ से काफी हद तक दूर रहते हैं। इस अवसर पर स्युल ग्राम प्रधान अनीता ने कहा कि बच्चे हमारी पूंजी हैं। पूंजी को सुरक्षित रखना हमारा कर्तव्य है। धर्मेंद्र पंवार ने कहा की अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने 2016 में अनुमान व्यक्त किया था कि लगभग दस लाख बच्चों को व्यासायिक रूप में यौन शोषण का शिकार बनाया गया था। इस मौकेपर चाइल्ड लाइन की ओर से बच्चों को बाल अपराधियों से सचेत रहने की जानकारी देने के अलावा बच्चों को मास्क व सैनिटाइजर वितरित किया गया। इस अवसर पर कुम्भी बाला, चाइल्ड लाइन से गीता बिष्ट, जगदीश बडोनी, कुलदीप, शंकुतला, विनोद सिंह, पार्वती, बच्चों में प्रिंयका,अविता, बबिता और शीतल आदि मौजूद रहीं। हिन्दुस्थान समाचार/प्रदीप डबराल/-hindusthansamachar.in