चंद्रभागा नदी के किनारे से विस्थापित लोग 27 जुलाई को करेंगे नगर निगम पर प्रदर्शन
चंद्रभागा नदी के किनारे से विस्थापित लोग 27 जुलाई को करेंगे नगर निगम पर प्रदर्शन

चंद्रभागा नदी के किनारे से विस्थापित लोग 27 जुलाई को करेंगे नगर निगम पर प्रदर्शन

ऋषिकेश, 24 जुलाई (हि.स.)। चंद्रभागा नदी के किनारे 40 वर्ष से रहने वाले विस्थापित लोग 27 जुलाई को नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। इन लोगों को 9 महीने पहले नगर निगम प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत हटा दिया था। शुक्रवार को दलित शोषित मंच के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री जयपाल जाटव की अध्यक्षता में बेघर लोगों की बैठक हुई। बैठक में जाटव ने कहा कि अगर यहां पर कोई निर्माण किया जाता है।तो उससे पहले एनजीटी के आदेश दिखाए जाएं, तब निर्माण शुरू किया जाए। निर्माण शुरू होने से पहले हटाए गए परिवारों को बसाया जाए, नहीं तो भाजपा सरकार व निगम शासन के विरुद्ध जन आंदोलन किया जायेगा। जिसकी सारी जिम्मेदारी निगम शासन की होगी। उन्होंने बताय कि 27 जुलाई को इस संबंध में एक ज्ञापन नगर आयुक्त को दिया जाएगा। बैठक का संचालन पूर्व सभासद सुनील गोस्वामी ने किया। बैठक में बताया कि चंद्रभागा नदी किनारे 40 वर्ष से रह रहे दलित, पिछड़े व गरीब लोगों को नगर निगम प्रशासन ने एनजीटी के नाम का सहारा लेकर नौ माह पहले हटा दिया था। यहां से विस्थापित लोग नौ माह से शासन व प्रशासन से उन्हें पुन: बसाने की मांग कर रहे हैं। यह लोग खुले आसमान के नीचे पन्नी डालकर रह रहे हैं। इसी बीच निगम ने क्षेत्र में लगे पानी के नल भी उखाड़ दिए। लोगों का सवाल है कि यह जमीन श्री भरत मंदिर ट्रस्ट की है, तो निगम प्रशासन ने 40 वर्ष से रहे लोगों को क्यो हटाया। बताया जा रहा है कि यहां पर फुटकर सब्जी मंडी बनाई जा रही है। जिसमें 10 दुकानें विस्थापित लोगों को दी जाएंगी। सवाल यह है कि जब एनजीटी के आदेश पर झुग्गी झोंपड़ी हटाई गईं है तो निगम वहां सब्जी मंडी कैसे बना सकता है। बैठक में अखिलेश राजभर, अशोक विश्वकर्मा, रमेश राम मोहन राजभर, लालचंद राजभर, सुरेश चंद, अमरीक राम, बद्रीराम, कौशल्या साहनी, शांति देवी, शीला देवी और डोभराम आदि बैठक उपस्थित थे। हिन्दुस्थान समाचार /विक्रम-hindusthansamachar.in

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