जैव विविधता सतत विकास और बेहतर निर्माण का आधार: स्वामी चिदानन्द सरस्वती

जैव विविधता सतत विकास और बेहतर निर्माण का आधार: स्वामी चिदानन्द सरस्वती
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ऋषिकेश, 22 मई (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि प्रकृति आधारित प्रत्येक समस्या का कारण भी हम मनुष्य हैं और समाधान भी हम ही हैं। ‘हम हैं समाधान’ और इसके लिये एकजुट होकर समेकित प्रयास करने होंगे, क्योंकि जैव विविधता हमारे सतत विकास और बेहतर निर्माण का आधार है। स्वामी ने कहा कि वर्तमान समय में हम जो भी प्रकृति प्रदत्त समस्यायें देख रहे हैं वह मनुष्य के लिये एक अलार्म है। अगर हमने अपनी दिनचर्या और जीवनशैली में परिवर्तन नहीं किया तो मानव का अस्तित्व संकट में आ सकता है। अगर हम अपने भविष्य की परवाह करते हैं। आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और सुन्दर वातावरण देना चाहते हैं तो सुव्यवस्थित मेगा-बायोडायवर्सिटी का ढांचा तैयार करना होगा । जिसमें सभी खुलकर सांस ले सकें। पृथ्वी सब प्राणियों का घर है। इसलिये इस घर को सुरम्य बनाये रखना हम सभी का नैतिक कर्तव्य भी है। हिन्दुस्थान समाचार /विक्रम

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