कोरोना संकट काल भालपा नेताओं के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं: धस्माना
कोरोना संकट काल भालपा नेताओं के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं: धस्माना
उत्तराखंड

कोरोना संकट काल भालपा नेताओं के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं: धस्माना

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देहरादून, 31 जुलाई (हि. स.)। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने त्रिवेंद्र सरकार राज्य में कोरोना उल्लंघन के मामले में भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जैसे डब्लूएचओ ने कोविड में सत्ताधारी बीजेपी नेताओं के लिए अलग व विपक्षी कांग्रेसी नेताओं के लिए अलग निर्धारित किये हुए हैं। धस्माना आज यहां प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि लॉकडाउन मामले में सभी ऐतिहात बरतने के बावजूद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह , पूर्व मुख्यमंत्री हरिश रावत, पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड और मेरे विरुद्ध आपदा प्रबंधन कानून के तहत मुकदमे दर्ज़ करा दिए गए। लेकिन दूसरी ओर शारिरिक दूरी और अन्य नियमों की अवहेलना करने वाले भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत , मंत्री सतपाल महाराज और भाजपा प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू के विरुद्ध कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है| धस्माना ने कहा कि त्रिवेंद्र सरकार की इस पूर्वाग्रह ग्रसित राजनीति से प्रदेश में बदले की भावना से विपक्षियों पर कार्यवाही करने की नई परंपरा स्थापित हो रही है जो शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से राज्य सरकार विपक्षी विधायक के क्षेत्रों में विकास कार्य करवाने व आपदा से निपटने में कार्यवाही करने में भेदभाव कर रही है। उपाध्यक्ष धस्माना ने धारचूला में आई प्राकृतिक आपदा में राहत व बचाव कार्यों में बरती जा रही लापरवाही का उदाहरण देते हुए कहा कि हालात इतने खराब हैं । विधायक हरिश धामी को आपदा में सहायता के लिए अपनी विधायकी छोड़ने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार निष्पक्ष है तो तत्काल सतपाल महाराज,श्याम जाजू व बंशीधर भगत प्रकरणों में तत्काल कार्यवाही करते हुए उनके विरुद्ध मुकद्दमे कायम करे। उन्होंने सरकार से पिथौरागढ़ व धारचूला समेत राज्य के तमाम आपदा ग्रस्त इलाकों में राहत कार्य युद्ध स्तर पर करने की मांग की। हिन्दुस्थान समाचार/राजेश-hindusthansamachar.in