अधिवक्ताओं की खराब आर्थिक स्थिति को लेकर बार काउंसिल आफ इंडिया को भेजा पत्र
अधिवक्ताओं की खराब आर्थिक स्थिति को लेकर बार काउंसिल आफ इंडिया को भेजा पत्र
उत्तराखंड

अधिवक्ताओं की खराब आर्थिक स्थिति को लेकर बार काउंसिल आफ इंडिया को भेजा पत्र

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नैनीताल , 31 जुलाई (हि.स.)| उत्तराखंड बार काउंसिल अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पुंडीर ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष को पत्र भेजकर कोरोना काल में अधिवक्ताओं की खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें कम से कम 50 हजार रुपये आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ने 27 जुलाई को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अन्य राज्यों के बार काउंसिल अध्यक्षों के साथ बैठक की थी। जिसमें उन्होंने बताया कि अधिवक्ताओं की समस्याओं के सम्बंध में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। इस संदर्भ में सभी राज्यों की बार काउंसिल अपने सुझाव दें ताकि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखा जा सके। उन्होंने लिखा है कि केंद्र सरकार द्वारा 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है मगर अधिवक्ताओं को कोई वित्तीय सहायता का इस पैकेज में उल्लेख नहीं है। उन्होंने प्रत्येक अधिवक्ता एवं उसके परिवार को 50 हजार आर्थिक सहायता देने, राज्य सरकार अधिवक्ताओं की कल्याणकारी योजनाओं का अपने बजट में बजट प्रावधान करने की मांग उठाई है। एडवोकेट वेलफेयर फंड में संशोधन का आग्रह करते हुए कहा है ताकि राज्य सरकार नियमित रूप से एक निश्चित धनराशि अधिवक्ताओं की सुरक्षा एवं जीवन-यापन के लिए देना सुनिश्चित करे। चेयरमैन ने दिल्ली सरकार की तर्ज पर प्रत्येक अधिवक्ता का दस लाख का बीमा व पांच लाख का स्वास्थ्य एवं मेडिकल बीमा कराने का अनुरोध किया है। साथ ही कहा कि सुप्रीम कोर्ट में जो पीआईएल दाखिल की गई है। उसमें इन बिंदुओं को भी शामिल किया जाय। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एडवोकेट वेलफेयर फंड सोसायटी का संचालन करती हैं लेकिन इस संस्था में कई कमियां हैं। इसलिये इस फंड में संशोधन किया जाय और अधिवक्ताओं को निश्चित सहायता दिये जाने का प्रावधान किया जाए। हिन्दुस्थान समाचार /लता नेगी-hindusthansamachar.in