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उत्तराखंड

पैत्रिक गांव पहुंच कर भावुक हुए अनिल बलूनी

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पौड़ी, 23 फरवरी (हि.स.)। भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख और राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी मंगलवार दोपहर 1 बजे विकास खंड कोट स्थित अपने पैतृक गांव नकोट पहुंचे। वह बीमारी के बाद पहली बार यहां पहुंचे और लोगों से मिलकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि बीमारी से जूझते हुए कुलदेवी और ईष्ट देव की पूजा कर राजनीतिक गतिविधियां शुरू करने का संकल्प लिया था। वो आज पूरा हुआ। बलूनी ने पैतृक गांव में अपने घर से 'मेरा बूथ सबसे मजबूत अभियान' की शुरुआत की। उन्होंने कुल देवी माता चंद्रबदनी और क्षेत्रपाल देवता डांडा नागराजा की पूजा-अर्चना की। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष वह बीमारी से जूझते रहे लेकिन कभी भी अपने गांव, अपनी संस्कृति और उत्तराखंड से लगाव कम नहीं हुआ। बलूनी ने कहा कि पूरा जीवन उत्तराखंड के लिए समर्पित है। उत्तराखंड के विकास को लेकर जो भी हिस्सेदारी निर्धारित है, उसे पूरा करूंगा। सांसद बलूनी ने कहा कि बीमारी को पराजित करने में जनता की दुआएं सफल रही हैं। कुलदेवी मां चंद्रबदनी और क्षेत्रपाल देवता डांडा नागराजा का आशीर्वाद साथ रहा। इनकी कृपा से नया जीवन मिला है। इस दौरान विधायक पौड़ी मुकेश कोली ने बलूनी से गेंडीछेड़ा झरने के समीप झील निर्माण व श्रीनगर गंगादर्शन से पौड़ी को जोड़ने के लिए रोपवे निर्माण की मांग की। ग्रामीणों ने बजुण-गड़थ और उमरासू से डांडानागराजा मोटर मार्ग के पक्कीकरण की मांग की। उनके साथ पत्नी दीप्ति बलूनी, पुत्र अक्षत व बेटी सौम्या भी आए हैं। बलूनी ने गांव में अपनी चाची सुलोचना देवी से आशीर्वाद लिया। चाची ने कहा कि गांव आते-जाते रहना। यहां की समस्याओं का भी प्राथमिकता के साथ समाधान करना। बलूनी ने 2018 में प्रवासियों से पैतृक गांव पहुंच कर ईगास पर्व मनाए जाने की अपील की थी। इससे पहले वह बीमार पड़ गए। उनकी मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए 2019 में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा और विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड प्रेमचंद्र अग्रवाल गांव नकोट पहुंचे थे। 2020 में पौड़ी विधायक मुकेश कोली ईगास पर्व पर नकोट गांव गए थे। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/मुकुंद