सूचना के अधिकार पर एम्स में वर्चुअल संगोष्ठी
सूचना के अधिकार पर एम्स में वर्चुअल संगोष्ठी
उत्तराखंड

सूचना के अधिकार पर एम्स में वर्चुअल संगोष्ठी

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ऋषिकेश, 30 जुलाई (हि.स.)।अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 पर आधारित वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गुरुवार को मुख्य सूचना आयुक्त भारत सरकार ने संगोष्ठी में उक्त कानून से संबंधित विस्तृत व्याख्यान दिया एवं कानून की बारीकियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। संगोष्ठी में संस्थान के निदेशक प्रो. रवि कांत जी के साथ ही विभिन्न संकायाध्यक्षों, फैकल्टी मेंबर्स, चिकित्सकों व प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। 'एम्स संस्थान में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005' विषय पर आधारित संगोष्ठी में मुख्य सूचना आयुक्त विमल जुल्का ने इस बारे में सर्वोच्च न्यायालय के अनेक निर्णयों का हवाला देते हुए बताया कि किन परिस्थितियों में तीसरे पक्ष से संबंधित सूचना देय नहीं है। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए संस्थान के निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि एम्स संस्थान उक्त कानून के तहत प्राप्त होने वाले तमाम प्रार्थनापत्रों का निस्तारण सतत रूप से सफलतापूर्वक करता रहा है। उन्होंने बताया कि संस्थान सूचना के अधिकार अधिनियम का पूर्ण सम्मान करता है और उसके नियम कायदों का प्राथमिकता के आधार पर परिपालन सुनिश्चित कर रहे है । इस अवसर पर उप निदेशक (प्रशासन) अंशुमन गुप्ता, डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता, डीन हॉस्पिटल अफेयर्स प्रो. यूबी मिश्रा,प्रो. एसके हांडू,प्रो. प्रतिमा गुप्ता, डीन नर्सिंग प्रो. सुरेश. के शर्मा, प्रो. श्रीपर्णा बासू,डा.मधुर उनियाल, डा. नवनीत कुमार बट्ट, डा. बलराम जीओमर, वित्तीय सलाहकार पीके मिश्रा, अधीक्षण अभियंता अनुराग सिंह, जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल, विधि अधिकारी प्रदीप चंद्र पांडेय, रजिस्ट्रार राजीव चौधरी, डा. अनुभा अग्रवाल, डा. भियांराम, डा. आशी चुग आदि ने भी संगोष्ठी में प्रतिभाग किया। हिन्दुस्थान समाचार /विक्रम-hindusthansamachar.in