भारतीय प्राचीन सूत्रों को अपनाकर दुर्घटनाओं को किया जा सकता है कमः डॉ. ओपी शर्मा

भारतीय प्राचीन सूत्रों को अपनाकर दुर्घटनाओं को किया जा सकता है कमः डॉ. ओपी शर्मा
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हरिद्वार, 29 अप्रैल (हि.स.)। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के भेषज विज्ञान विभाग में चल रहे ज्ञान से परिपूर्ण कुम्भकालिक आयोजन औषधीय पादप महाकुम्भ के अंतर्गत ऑनलाइन माध्यम से विश्व कार्यस्थल स्वास्थ्य एवं सुरक्षा दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता के रूप में गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार से उत्तर प्रदेश सरकार में चिकित्सा एवं स्वास्थय सेवाओं के संयुक्त सचिव रह चुके डॉ. ओपी शर्मा ने कार्यस्थल पर स्वस्थ व सुरक्षित रहने के सूत्र शीर्षक पर अपना व्याख्यान दिया। डॉ. शर्मा ने बताया कि विभिन्न प्रकार के कार्यस्थलों पर भिन्न-भिन्न प्रकार की भौतिक दुर्घटनाएं एवं बीमारियां होने की संभावनाएं बनी रहती हैं। इनके रोकथाम एवं निवारण के लिए उपाय भी भिन्न-भिन्न प्रकार के हैं। उन्होंने बताया कि आज के बदलते परिवेश में ऋषियों-मुनियों द्वारा बताये गए सूत्रों, उचित खान-पान, संयम दिनचर्या, स्वाध्याय एवं स्वावलोकन की सहायता से व्यक्ति निर्माण द्वारा ही हम किसी भी प्रकार की दुर्घटनाओं को होने से रोक सकते हैं, क्योंकि व्यक्ति निर्माण होने पर व्यक्ति का ध्यान कार्यस्थल पर इधर-उधर भटकता नहीं अपितु केंद्रित रहता है। इससे होने वाली दुर्घटनाओं एवं बीमारियों से बचा जा सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी शहर से उप्र सरकार के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अंतर्गत तैनात वर्तमान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी नीरद पाण्डेय ने की। पाण्डेय ने कहा कि आज के भागदौड़ वाले जीवन में ऐसे विषय पर चर्चा करना बहुत ही जरूरी है, क्योंकि ऐसे कई परिवार हैं जिन्होंने कार्यस्थल पर हुई दुर्घटना व बीमारी के चलते अपने प्रियजनों को खोने के साथ अन्य कई समस्यायों का सामना किया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रूप किशोर शास्त्री ने भी कार्यस्थल पर स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को समय की जरूरत बताया। कार्यक्रम का संचालन केरल राज्य के चेरुथुरथी स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद पंचकर्म शोध संस्थान के सहायक शोधकर्ता एवं एक पूर्ण स्थापित कवि राहुल मौर्य ने किया। औषधीय पादप महाकुम्भ के मुख्य आयोजक तथा भेषज विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सत्येंद्र कुमार राजपूत ने भी ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा किये जाने को औषधीय पादप महाकुम्भ की सफलता बताई। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत