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उत्तराखंड

'कुंभ' भारतीय सभ्यता एवं राष्ट्रीय एकता का आदर्श पर्वः विज्ञानानंद सरस्वती

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हरिद्वार, 25 फरवरी (हि.स.)। श्री गीता विज्ञान आश्रम के परमाध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती ने कहा कि भारत की संस्कृति संपूर्ण विश्व में अद्वितीय है जिसे हमारे ऋषि-मुनियों ने पर्वों के माध्यम से अमरत्व प्रदान किया है। कुंभ पर्व आध्यात्मिक आस्था तथा राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के लिए धर्मात्माओं की दीक्षा के रूप में आयोजित किया जाता है और हरिद्वार में आयोजित हो रहा कुंभ मेला अब तक संपन्न हुए सभी पर्वों से अद्वितीय होगा। दक्षनगरी के विष्णु गार्डन स्थित श्री गीता विज्ञान आश्रम में कुंभ तैयारियों के लिए आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि धर्म से साधक को सत्कर्म की दीक्षा मिलती है लेकिन सामाजिक सुरक्षा सर्वाेपरि है। इसीलिए हमारी सरकार ने कुंभ पर्व को सीमित करते हुए सुरक्षित जीवन का संदेश दिया है जिसका संतों ने स्वागत किया है। कोरोना काल में आयोजित हो रहे कुंभ पर्व को स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बताते हुए उन्होंने सभी भक्तों, अनुयायियों एवं आगंतुकों के लिए सुरक्षित आवासीय व्यवस्था बनाने का आवाहन करते हुए कहा कि राजा गार्डन स्थित हनुमान मंदिर से कुंभ की समस्त गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। उन्होंने हनुमान मंदिर तथा हनुमत गौशाला में लगने वाले शिविरों को संक्रमण मुक्त बताते हुए कहा कि गाय के गोबर में संक्रमण रोकने तथा विषाणु को समाप्त करने की जो प्राकृतिक क्षमता है वह किसी औषधि या टीके की तुलना में अद्वितीय है। इस अवसर पर गीता विज्ञान आश्रम ट्रस्ट से जुड़े सभी आश्रमों के संत तथा व्यवस्थापक उपस्थित थे। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत