हाथी खाई में बाढ़ का मलवा भरने से वन्यजीवों की राह हुई आसान
हाथी खाई में बाढ़ का मलवा भरने से वन्यजीवों की राह हुई आसान
उत्तराखंड

हाथी खाई में बाढ़ का मलवा भरने से वन्यजीवों की राह हुई आसान

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ऋषिकेश, 10 सितम्बर (हि.स.)। ग्राम सभा खड़क माफ के खदरी खादर क्षेत्र में गत माह सौंग नदी में आई भीषण बाढ़ और जलवृद्धि के कारण बाढ़ के पानी का रुख सीमांत खेतों की ओर हो गया था। परिणाम स्वरूप वन विभाग ने वन्यजीवों से फसल सुरक्षा को खोदी गयी हाथी खाई में बाढ़ के पानी के साथ मलवा भर गया है। इससे खादर क्षेत्र में वन्य जीवों की आमद के लिए राह आसान हो गयी है। वन्य जीव खाई को आसानी से पार कर खेतों की ओर रुख करने लगे हैं। इनमें जंगली सुवर, नीलगाय, बारह सिंघा के अलावा अब हाथी की आमद भी शुरू हो गयी है। इसका प्रमुख कारण है कि बर्षात खत्म होने के साथ ही नदियों में जलस्तर कम होने लगा है। इससे वन्यजीव नदी पार करके जंगल से खेतों की ओर रुख करना आसान हो गया है। बीती रात राजाजी रिजर्व पार्क की ओर से आये जंगली हाथी ने हाथी खाई को पार करते हुए किसानों की धान की फसल को रौंद डाला। इनमें कृषक दिनेश, विनोद, सुदामा प्रसाद, राजेश शर्मा, ऊषा जुगलान, विमला देवी रयाल, कुंवर पाल सिंह, धर्म पाल आदि के खेत शामिल हैं। नमामि गंगे जिला क्रियान्वयन समिति के सदस्य पर्यावरणविद विनोद जुगलान सहित उपरोक्त सभी किसानों ने वन विभाग से बाढ़ से क्षतिग्रस्त हाथी खाई से मलवा सफाई की मांग करते हुए ग्रामीणों की फसल सुरक्षा की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी एम एस रावत का कहना है कि खादर क्षेत्र में वन्यजीवों से फसल नुकसान का मामला संज्ञान में आया है।शीघ्र ही फसल सुरक्षा के समुचित प्रयास किये जाएंगे। हिन्दुस्थान समाचार /विक्रम सिंह-hindusthansamachar.in