हाई कोर्ट ने रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन पर अवैध निर्माण हटाने के दिए निर्देश
हाई कोर्ट ने रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन पर अवैध निर्माण हटाने के दिए निर्देश
उत्तराखंड

हाई कोर्ट ने रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन पर अवैध निर्माण हटाने के दिए निर्देश

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नैनीताल, 30 जुलाई (हि.स.)। हाई कोर्ट में गुरुवार को मुनि चिदानंद की ओर से ऋषिकेश के वीरपुरखुर्द वीरभद्र में रिजर्व फॉरेस्ट की 35 बीघा भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण करने के मामले में सुलवाई हुई। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से 31 जुलाई तक कार्यवाही कर कोर्ट को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविकुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हरिद्वार निवासी अर्चना शुक्ला ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि ऋषिकेश के पास वीरपुरखुर्द वीरभद्र में मुनि चिदानंद ने रिजर्व फॉरेस्ट की 35 बीघा भूमि पर कब्जा कर वहां 52 कमरे की बिल्डिंग, बड़ा हॉल और गोशाला बना ली है। याचिका में कहा कि चिदानंद के रसूखदारों से संबंध के चलते वन विभाग और राजस्व विभाग ने अनदेखी की है। याचिका में कहा कि वहां की भूमि पर से अतिक्रमण हटाकर सरकार को सौंपी जाए। पूर्व में राज्य सरकार ने कोर्ट में दायर एक्शन टेकन रिपोर्ट में कहा है कि अतिक्रमण हटाकर जमीन कब्जे में ले ली गई है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने विरोध करते हुए कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने कब्जा नहीं लिया है और अतिक्रमण कर बनाए गए 52 कमरों की बिल्डिंग भी नहीं तोड़ी है। इसके बाद कोर्ट ने राज्य सरकार से एक्शन टेकन रिपोर्ट के आधार पर काम करने को कहा। हिन्दुस्थान समाचार / लता नेगी-hindusthansamachar.in