हाई कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री के गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर सरकार से मांगा जवाब
हाई कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री के गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर सरकार से मांगा जवाब
उत्तराखंड

हाई कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री के गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर सरकार से मांगा जवाब

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कैबिनेट मंत्री महाराज द्वारा केंद्र सरकार के गाइड लाइनों का उल्लंघन करने पर हुई सुनवाई याचिकाकर्ता को प्रतिशपथपत्र पेश करने के दिए निर्देश नैनीताल, 30 जुलाई (हि.स.)। हाई कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के कोरोना वायरस के बचने के लिए जारी केंद्र सरकार के गाइड लाइनों का उल्लंघन करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता को दो सप्ताह के भीतर प्रतिशपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी उमेश कुमार ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के घर पर डीएम देहरादून व सीएमओ ने नोटिस चस्पा कर 20 मई से तीन जून तक एकांतवास में रहने को कहा था। लेकिन कैबिनेट मंत्री ने नोटिस का उल्लंघन करते हुए कैबिनेट की दो अहम बैठकों में भाग लिया और एकांतवास में होने की जानकारी कैबिनेट से छिपाई। जिसकी वजह से कैबिनेट के सभी सदस्यों को एकांतवास होना पड़ा। याचिकाकर्ता का कहना था कि जब आम आदमी पर एकांतवास के नियमों का उल्लंघन करने पर राज्य सरकार लगातार मुकदमे दर्ज करा रही है तो महाराज के खिलाफ अभी तक नियमों के उल्लंघन पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया गया। याचिकाकर्ता ने महाराज पर आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने की प्रार्थना की थी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को दो सप्ताह के भीतर प्रतिशपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए। हिन्दुस्थान समाचार / लता नेगी-hindusthansamachar.in