स्व. राम प्रसाद बहुगुणा को जन शताब्दी पर किया याद
स्व. राम प्रसाद बहुगुणा को जन शताब्दी पर किया याद
उत्तराखंड

स्व. राम प्रसाद बहुगुणा को जन शताब्दी पर किया याद

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गोपेश्वर, 20 दिसम्बर (हि.स.)। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और मिशनरी पत्रकारिता के स्तंभ स्व. राम प्रसाद बहुगुणा की जन शताब्दी पर नंदप्रयाग मुख्य बाजार स्थित बहुगुणा स्मारक पार्क में उनकी मूर्ति पर माल्यपर्ण कर उन्हें याद किया गया। नगर पंचायत सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने स्व. राम प्रसाद बहुगुणा के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप पर भी चर्चा की। नंदप्रयाग नगर पंचायत हॉल में आयोजित गोष्ठी में वरिष्ठ वक्ताओं ने स्व. राम प्रसाद बहुगुणा को आजादी से पूर्व की पत्रकारिता का स्तंभ बताते हुए कहा कि जिस प्रकार स्व. बहुगुणा ने कलम के माध्यम से आजादी के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संघर्ष किया, वह अनुकरणीय है। स्व. बहुगुणा मिशनरी पत्रकारिता के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों के जरिए डोली, पालकी, कुली बेगार प्रथा के खिलाफ भी मुखरित हुए थे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1920 में नंदप्रयाग निवासी गोपाल दत्त बहुगुणा के घर जन्मे राम प्रसाद बहुगुणा ने वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में जेल गए और आजादी की इस लड़ाई में प्रमुखता से भाग लिया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से प्रेरित बहुगुणा वर्ष 1938 में स्कूली पढ़ाई छोड़कर आजादी की जंग में कूद पड़े थे। आजादी के बाद वे पत्रकारिता के क्षेत्र में आ गए। गढ़वाल का पहला साप्ताहिक अखबार देवभूमि का प्रकाशन नंदप्रयाग से कर उन्होंने सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संघर्ष किया। चमोली जिला पत्रकार परिषद के अध्यक्ष रहे स्व. बहुगुणा के पुत्र समीर बहुगुणा ने बताया कि जिन अभावों में स्व. बहुगुणा ने नंदप्रयाग से साप्ताहिक समाचार पत्र देवभूमि का प्रकाशन किया, उसकी यादें आज भी उनके दिलो दिमाग में ताजा हैं। हिन्दुस्थान समाचार/जगदीश-hindusthansamachar.in