स्वच्छ अभियाने को निगम कर्मचारी लगा रहे पलीता, लाखों की मशीन फांक रही धूल
स्वच्छ अभियाने को निगम कर्मचारी लगा रहे पलीता, लाखों की मशीन फांक रही धूल
उत्तराखंड

स्वच्छ अभियाने को निगम कर्मचारी लगा रहे पलीता, लाखों की मशीन फांक रही धूल

news

हरिद्वार, 31 जुलाई (हि.स.)। शहर को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए यूं तो लाखों करोड़ों खर्च किए जाते हैं। लेकिन साफ-सफाई सड़कों पर नहीं बल्कि कागजों में ही दिखाई देती है। सफाई उपकरण खरीदने के बाद भी वह मात्र शोपीस बने हुए हैं। कुछ ऐसा ही मामला रुड़की नगर निगम से सामने आया है। यहां साफ कूड़ा उठाने वाली मशीन धूल फांक रही है। एक सर्वे में साफ सफाई के मामले मेंरुड़की शहर अव्वल स्थान कर चुका है। लेकिन निगम अधिकारियों की लापरवाही इन तमाम उपलब्धियों पर बट्टा लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे है। दरअसल, निगम ने करीब एक साल पहले एक ऐसी मशीन खरीदी थी, जो शहर का सूखा कूड़ा या बड़े आयोजन में फैलने वाली गंदगी को समेट सके। लेकिन विडम्बना है कि मशीन करीब पिछले छह माह से निगम में धूल फांक रही है। जबकि इस मशीन पर निगम ने लाखों रुपए खर्च किए हैं। इस मामले पर निगम के सहायक नगर अधिकारी चंद्रकांत भट्ट ने बताया कि कोविड-19 के चलते लॉकडाउन के बाद मशीन को बन्द करना पड़ा, क्योंकि जटायू मशीन का काम सूखे कूड़े को उठाना है। इस दौरान शहर में कोई बड़ा आयोजन नहीं हुआ है, इसलिए इस मशीन को बन्द करना पड़ा है। साथ ही बरसात के सीजन में इसका प्रयोग नहीं किया जा सकता है, लेकिन बारिश का सीजन समाप्त होते ही मशीन को चालू कर सूखा कूड़ा उठाने के लिए प्रयोग किया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत-hindusthansamachar.in