सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह सपंन्न
सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह सपंन्न
उत्तराखंड

सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह सपंन्न

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ऋषिकेश, 10 सितम्बर (हि.स.)। राजकीय महाविद्यालय, ऋषिकेश में सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह का गुरुवार को आयोजन किया गया। ऑनलाइन आयोजित किए गए इस समारोह में महाविद्यालय के कई पूर्व प्राचार्य तथा शिक्षकों ने सहभाग किया। कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रोफेसर सविता मोहन ने कहा कि महाविद्यालय की शुरुआती दौर में उन्होंने किस प्रकार संघर्ष करके महाविद्यालय को नई ऊंचाइयों प्रदान की हैं। प्रोफ़ेसर जीएस बिष्ट ने बताया कि महाविद्यालय के क्रीड़ा विभाग के उत्थान के लिए उन्होंने किस प्रकार संघर्ष किया तथा बच्चों में खेल के प्रति जागरूकता का प्रचार प्रसार किया। प्रोफेसर एसएन भट्ट ने बताया कि छात्रावास के निर्माण के समय जो परेशानियां हैं। उसमें पूरे महाविद्यालय ने उनका सहयोग किया। इससे आज छात्रावास भली प्रकार संचालित हो रहा है। प्रोफेसर जी सी मिश्रा ने बताया कि छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए समर्पण की भावना से कार्य करना है। शिक्षक का उत्तरदायित्व है। पूर्व निदेशक प्रोफेसर एमपी महेश्वरी ने बताया कि किस प्रकार उनके कार्यकाल में ऋषिकेश की जनता विभिन्न सामाजिक संगठनों ने चढ़कर सहयोग किया, तथा छात्र-छात्राओं ने भी सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों में प्रतिभाग किया। पूर्व निदेशक डॉ अशोक कुमार ने महाविद्यालय की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया तथा प्रोफेसर विजय लक्ष्मी ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि किस प्रकार सीमित संसाधनों में महाविद्यालय के लिए कार्य किया गया। प्रोफेसर संतोष पाठक ने बताया कि उनका अधिकतर समय राजकीय महाविद्यालय ऋषिकेश में बीता इसलिए उनके लिए यह में महाविद्यालय उनके जीवन का एक हिस्सा है। पूर्व निदेशक प्रोफ़ेसर एमसी त्रिवेदी ने बताया कि किस प्रकार डिसिप्लिन के लिए उन्होंने संघर्ष किया तथा छात्र हितों के लिए संसाधनों को जुटाने का प्रयास किया। प्रोफ़ेसर जी एस रजवार ने बताया कि महाविद्यालय को ऑटोनॉमस बनाने के लिए तथा नई ऊंचाइयां प्रदान करने के लिए उन्होंने दिन रात एक कर के कार्य संपादन किए महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर सुधा भारद्वाज ने सभी सम्मानित अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर पूजा कुकरेती ने किया तथा संयोजन डॉ मुक्तिनाथ यादव ने किया। उक्त कार्यक्रम में डॉ. दयाधर दीक्षित, डॉ. सत्येंद्र कुमार ,डॉ. हितेंद्र कुमार, डॉ विभा कुमार, डॉ. गुलशन कुमार ढींगरा, डॉ. अनिल कुमार, डॉ शरद त्रिपाठी, डॉ. देव मणि त्रिपाठी सहित अनेक प्राध्यापकों ने प्रतिभाग किया। हिन्दुस्थान समाचार/विक्रम सिंह-hindusthansamachar.in