सीवर लाइन की खुदाई बनी मुसीबत, मंदिर का गेट धंसा
सीवर लाइन की खुदाई बनी मुसीबत, मंदिर का गेट धंसा
उत्तराखंड

सीवर लाइन की खुदाई बनी मुसीबत, मंदिर का गेट धंसा

news

स्थानीय लोगों ने गेट के मध्य में सीवर लाइन बनाने का किया विरोध गोपेश्वर, 17 जुलाई (हि.स.)। शुक्रवार तड़के हुई तेज बारिश के चलते उमा देवी मंदिर को जाने वाला प्रवेश द्वार और पुस्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। स्थानीय लोग इसे प्रवेश द्वार के मध्य में बनाई जा रही सीवर लाइन के लिए की गई खुदाई को मान रहे हैं। लोगों ने प्रवेश द्वार के मध्य बनाई जा रही लाइन का विरोध किया। साथ ही प्रवेश द्वार और पुस्ते की मरम्मत की मांग की है। शुक्रवार सुबह करीब ढाई बजे से तेज बारिश शुरू हुई, जिसके चलते आए भारी पानी से उमा देवी चौक पर बदरीनाथ हाईवे से मां उमा देवी का प्रवेश द्वार पूरा धंस गया। उमा मंदिर को जाने वाले मार्ग का पुस्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष गैरोला, आकाश पुजारी, कांति प्रसाद, नरेश प्रसाद, अनूप चैहान आदि ने एसडीएम को ज्ञापन देकर गेट के पुनर्निर्माण की मांग की है। तीन साल से बन रही योजना नमामि गंगे के तहत नगर में पिछले तीन साल से सीवर लाइन ट्रीटमेंट योजना का निर्माण किया जा रहा है। करीब 12 करोड़ की लागत से लाइन, चार ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण और 15 साल तक योजना का रखरखाव भी होना है लेकिन लाइनों के चैंंबर सहित अन्य निर्माण कई बार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इससे आए दिन लोग निम्न गुणवत्ता का सवाल खड़ा कर रहे हैं। सीवर लाइन का निर्माण कर रही पेयजल निर्माण निगम के अवर अभियंता दीपक वत्स का कहना है कि योजना पर काम पूरा होने वाला है। केवल उमा देवी गेट के पास बनी पुरानी लाइन को जोड़ा जा रहा था कि बारिश से गेट और पुस्ता क्षतिग्रस्त होने की सूचना आई है। जांच कर गेट और पुस्ता का निर्माण करने की कार्रवाई की जाएगी। हिन्दुस्थान समाचार/जगदीश-hindusthansamachar.in