संतो के सानिध्य में व्यक्ति के उत्तम चरित्र का निर्माण होता हैः अयोध्याचार्य
संतो के सानिध्य में व्यक्ति के उत्तम चरित्र का निर्माण होता हैः अयोध्याचार्य
उत्तराखंड

संतो के सानिध्य में व्यक्ति के उत्तम चरित्र का निर्माण होता हैः अयोध्याचार्य

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हरिद्वार, 12 दिसम्बर (हि.स.)। जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी अयोध्याचार्य महाराज ने कहा है कि संतों के सानिध्य में व्यक्ति के उत्तम चरित्र का निर्माण होता है। महापुरुषों ने समाज को सदैव नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने यह विचार भूपतवाला स्थित नरसिंह धाम यज्ञशाला में आयोजित ब्रह्मलीन स्वामी नारायण दास महाराज की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में व्यक्त किए। पूर्व पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी व स्वामी ऋषिश्वरानंद महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी नारायण दास महाराज महान संत थे। उन्होंने तप व विद्वता के माध्यम से सनातन धर्म के नए आयाम स्थापित किए। कार्यक्रम में पहुंचे सभी संतों ने महंत राजेंद्रदास महाराज ने फूल माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान स्वामी ऋषिश्वरानंद, महंत विष्णुदास, महंत प्रेमदास, महंत डोंगर गिरी, स्वामी रघुवन, सतपाल ब्रह्मचारी, महंत सूरजदास, महंत प्रेमदास, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी शिवानंद, मंहत श्रवण मुनी, मंहत सुतीक्षण मुनी, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी दिनेशदास, महंत रामकृष्णदास, महंत श्याम प्रकाश, महंत अरुणदास, स्वामी जगदीशानंद गिरी स्वामी नित्यानंद आदि संत उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत/मुकुंद-hindusthansamachar.in

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