रुद्रप्रयागः छेनागाढ़-बक्सीर मोटरमार्ग पर जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे लोग
रुद्रप्रयागः छेनागाढ़-बक्सीर मोटरमार्ग पर जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे लोग
उत्तराखंड

रुद्रप्रयागः छेनागाढ़-बक्सीर मोटरमार्ग पर जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे लोग

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अधर में है गदेरे में पुल निर्माण का कार्य वन विभाग की सड़क लोक निर्माण विभाग को नहीं हुई ट्रांसफर रुद्रप्रयाग, 22 नवम्बर (हि.स.)। जखोली ब्लॉक के पूर्वी बांगर के गांवों को जोड़ने वाला छेनागाढ़-भुनालगांव-बक्सीर मोटरमार्ग कई स्थानों पर खतरनाक बना हुआ है। इस मार्ग पर स्थानीय लोग जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर हैं। जगह-जगह पुश्ते धंसे हुए हैं और सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे पड़े हुए हैं। ऐसे में कभी भी इस मार्ग पर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। रुद्रप्रयाग जनपद में यह एकमात्र ऐसा मार्ग है, जिसकी स्थिति सबसे खराब है। यहां कई नेता आए और लोगों को आश्वासन देकर चल दिए लेकिन आज तक इस मार्ग की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। पिछले आठ वर्षों से बरकंडी गधेरे पर पुल निर्माण का कार्य आधा-अधूरा छोड़ा गया है। पुल न बनने से वाहनों को जान जोखिम में डालकर गधेरे से होकर गुजरना पड़ रहा है। यहां पर अक्सर बरसात के समय वाहनों की आवाजाही ठप हो जाती है। उत्तराखंड क्रांति दल के युवा नेता मोहित डिमरी ने पूर्वी बांगर का दौरा किया और आम जनता की समस्याएं सुनीं। मोहित डिमरी ने कहा कि पूर्वी बांगर के उछोला, माथ्यागांव, घांघासू, भुनालगांव, बक्सीर, डांगी, खोड, आदि गांवों की लगभग सात हजार की आबादी को यातायात सुविधा से जोड़ने के लिए करीब एक दशक पूर्व स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत छेनागाड़-भुनालगांव-बक्सीर मोटरमार्ग का निर्माण हुआ था। उछोला बैंड से माथ्यागांव तक तीन किमी. सड़क वन विभाग के अधीन है। लंबे समय से इस सड़क को लोक निर्माण विभाग को टंांसफर की मांग की जा रही है। लेकिन इस पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है। इन दिनों बरकंडी गदेरे से खोड़ गांव तक डामरीकरण का कार्य चल रहा है। यह कार्य भी मानकों के अनुसार नहीं हो रहा है और घटिया निर्माण की भेंट चढ़ गया है। डामर बिछाते-बिछाते उखड़ने लगा है। ऐसे में आम जनता में आक्रोश बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इस सड़क पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है। कभी भी यहां कोई अनहोनी हो सकती है। पुल निर्माण न होने से वाहन चालक गदेरे में वाहन उतारने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान डांगी संध्या देवी, पूर्व प्रधानाध्यापक शिव लाल आर्य, बलवीर राणा, देवी ध्यानी, मंगल सिंह ने कहा कि कई बार शासन-प्रशासन से पत्राचार के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। हर बार ग्रामीणों को झूठे आश्वासन दिए जाते हैं। बरसात के समय यहां वाहनों की आवाजाही बंद हो जाती है। उन्होंने कहा कि मोटरमार्ग पर बिछाया गया डामर भी उखड़ने लगा है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बेहद खराब है। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित डिमरी-hindusthansamachar.in