राष्ट्रीय राजमार्ग पर मौत का साया बन खड़े हैं दर्जनों पेड़
राष्ट्रीय राजमार्ग पर मौत का साया बन खड़े हैं दर्जनों पेड़
उत्तराखंड

राष्ट्रीय राजमार्ग पर मौत का साया बन खड़े हैं दर्जनों पेड़

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चम्पावत 23 जुलाई (हि.स.)। ऑल वेदर रोड पर दर्जनों पेड़ मौत का साया बन कर खड़े हैं। इनमें अधिकांश देवदार के पेड़ हैं। रोड कटिंग के वक्त इन पेड़ों की जड़ें कट गई थीं। इस वजह से बरसात में इनके गिरने का खतरा बराबर बना हुआ है। पिछले दिनों तिलौन में एक देवदार का वृक्ष गिर भी गया था। गनीमत रही कि कोई उसकी चपेट में नहीं आया। कुछ दिन पहले हुई अवितृष्टि में टनकपुर चम्पावत के बीच में भी कई पेड़ गिर कर हाइवे पर आ गए थे। यहां चम्पावत व लोहाघाट के बीच में खूना बोरा से लेकर तिलौन तक करीब दो दर्जन से अधिक देवदार और एक से अधिक दर्जन चीड़ के पेड़ों की जड़ें या तो कट गई हैं या फिर वे भूस्खलन की जद में आ गए हैं। हालांकि खतरा बने कुछ पेड़ों को वन विभाग ने वन पंचायत पुनेठी को निस्तारित करने की अनुमति दे दी है, लेकिन खतरा अभी भी नहीं टला है। गत वर्ष तिलौन के पास ही चीड़ का भारी भरकम पेड़ अल्टो वाहन पर गिर गया था जिससे उसमें सवार दो महिलाओं की मौत हो गई थी। मानसूनी बारिश शुरू होने के बाद इस बार भी काटी जा चुकी ऑलवेदर रोड पर लगातार मलबा गिर रहा है। सड़क कटिंग से पूर्व सैकड़ों पेड़ों को निस्तारण किया गया था लेकिन कटिंग ज्यादा होने से सड़क किनारे मौजूद कई पेड़ों की जड़ें कट गई हैं और कई पेड़ भूस्खलन की जद में आ गए हैं। रोडवेज बसों और टैक्सियों को शर्तों के साथ चलने की छूट के बाद एनएच पर रोजाना दर्जनों वाहनों में यात्री सफर कर रहे हैं। दुर्भाग्यवश कोई पेड़ गिर गया तो इससे लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। वन विभाग की अनुमति के बाद वन पंचायत पुनेठी ने खतरा बने पेड़ों का निस्तारण शुरू कर दिया है लेकिन कई ऐसे पेड़ चिह्नित होने से रह गए हैं, जो किसी भी वक्त गिर सकते हैं। वन विभग के एसडीएम एमएम भट्ट का कहना है कि चम्पावत-लोहाघाट हाइवे पर तिलौन के पास खतरा बने पेड़ों का निस्तारण करने की अनुमति वन पंचायत पुनेठी को दे दी गई है। बरसात से पूर्व सभी पेड़ों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित वन रेंज अधिकारी को अन्य ऐसे पेड़ों को चिह्नित कर उनकी सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है, जो गिरने की कगार पर हैं। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव मुरारी-hindusthansamachar.in