यूएनडीपी के सहयोग से परखेंगे नैनीझील के जल की गुणवत्ता
यूएनडीपी के सहयोग से परखेंगे नैनीझील के जल की गुणवत्ता
उत्तराखंड

यूएनडीपी के सहयोग से परखेंगे नैनीझील के जल की गुणवत्ता

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- मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया एक करोड़ की लागत वाली आंकलन प्रणाली का लोकार्पण नैनीताल, 26 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को अपने एक दिवसीय नैनीताल भ्रमण के दौरान नैनीझील में एक करोड़ रुपये की लागत से यूनडीपी के सहयोग से स्थापित दिव्य नैनीझील जल गुणवत्ता आंकलन प्रणाली का लोकार्पण वैदिक मंत्रों के बीच किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीझील अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए दुनिया भर मे जानी जाती है और सदैव से ही यह पर्यटकों को आकर्षित करती रही है। उन्होने कहा कि नैनीझील हमारी सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग है। उन्होंने जिला प्रशासन व यूएनडीपी को इस अभिनव पहल के लिए बधाई दी। साथ ही उन्होने सभी से नैनीझील को स्वस्थ व स्वच्छ रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि जल गुणवत्ता प्रणाली जल संरक्षण के साथ ही जल की निर्मलता बनाए रखेगी। प्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रदेश की नदियों, झीलों, तालाबों और जलस्रोतों को पुर्नजीवित करने के लिए व्यापक जन अभियान शुरू किया गया है, जिसमे सफलता मिली है। कोसी, गगास, रिस्पना और शिप्रा में व्यापक पौधरोपण किया गया है। सौंग व जमरानी बांध बनने से 125 करोड़ रुपये की बिजली बचत होगी। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा मे तडागताल पुनर्जीवन एवं संरक्षण के लिए 10 करोड़ रुपये जारी कर दिये गये हैं। उत्तराखंड पर्यटन प्रदेश है, इसलिए यहां अतिथि देव भवः के साथ ही स्थानीय उत्पाद व स्थानीय भोजन को बढ़ावा देना होगा। प्रदेश मे होम स्टे को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश मे अब तक 2200 होम स्टे संचालित हैं, जिनको और बढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय शिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने आवास नीति के तहत स्थानीय शिल्प में बनाये जा रहे भवन में एक और मंजिल बनाने की स्वीकृति दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल में एसटीपी व पार्किंग को बनाये जाने की स्वीकृति दे दी गई है। बलिया नाले पर अल्पकालीन व दीर्घकालीन दोनो योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रैमजे चिकित्सालय को पीपीपी मोड पर चलाये जाने के लिए शीघ्र विज्ञप्ति जारी की जायेगी ताकि यहां की जनता व आने वाले पर्यटकों को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मिल सकें। क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने जनपद आगमन पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जिला प्रशासन द्वारा किये जा रहे कार्यों की तारीफ की। उन्होंने सरकार द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए ऐतिहासिक रैमजे चिकित्सालय नैनीताल को पीपीपी मोड पर चलाने की मांग रखी ताकि जनता व पर्यटकों को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मिल सकें। उन्होंने बताया कि नारायण नगर में पार्किंग के लिए 25 बीघा भूमि आवंटित हो चुकी है। साथ ही रानीबाग से हनुमानगढ़ी रोपवे का प्रस्ताव भी गतिमान है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने जानकारी दी कि जल गुणवत्ता के तत्व मापन के लिए मल्लीताल पम्प हाउस तथा तल्लीताल एरियेसन प्लांट में एक-एक प्रोटियएस सेंसर स्थापित किये गये हैं। जिनसे झील के पानी की गुणवत्ता सम्बन्धित आंकणों को तल्लीताल डांठ महात्मा गांधी के मूर्ति के समीप एलईडी स्क्रीन पर आम जनमानस के लिए प्रसारित किया गया है। इससे झील की गुणवत्ता सम्बन्धित आंकड़ों के प्रदर्शन से स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों में नैनीझील को स्वच्छ रखने में जागरूकता बढ़ेगी। जल गुणवत्ता के विस्तृत आंकड़े एवं चेतावनी एसएमएस एवं मोबाइल ऐप से लोगों तक प्रसारित की जाएगी। इन सेन्सरों द्वारा बॉयो केमिकल आक्सीजन डिमांड, टोटल आर्गेनिक कार्बन, डिजाल्व आर्गेनिक कार्बन, प्रेशर क्लोराइड, पीएच टैम्फ्टर, नाइट्रेट टरबीटीटी, क्रूड आयल आदि तत्वों से परिणामों का पता चलेगा। इस प्रणाली से नैनीझील के अन्तर्जलीय वनस्पति एवं जीव जन्तुओं के लिए अनुकूल पर्यावरण विकास एवं प्रबन्धन करते हुए झील का संरक्षण किया जा सकेगा। हिन्दुस्थान समाचार/दधिबल/मुकुंद-hindusthansamachar.in