मां पूर्णागिरि धाम आने के लिए कराना होगा देहरादून स्मार्ट सिटी पर पंजीकरण
मां पूर्णागिरि धाम आने के लिए कराना होगा देहरादून स्मार्ट सिटी पर पंजीकरण
उत्तराखंड

मां पूर्णागिरि धाम आने के लिए कराना होगा देहरादून स्मार्ट सिटी पर पंजीकरण

news

टनकपुर(चंपावत), 16 अक्टूबर (हि.स.)। शनिवार से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। कोरोना के चलते लंबे समय से बंद पड़े मां पूर्णागिरि के कपाट भी सभी भक्तों के लिए पहली नवरात्रि को खुल जाएंगे। मां के दर्शनों को आने वाले भक्तों को कोविड-19 के सभी नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। साथ ही यहां आने से पहले उन्हें देहरादून स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। अभी भी बाहर से आने वाले लोगों को पंजीकरण न होने से जिले की सीमा से वापस लौटना पड़ रहा है। मां पूर्णागिरि धाम में शारदीय नवरात्र से उत्तराखंड के बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी दर्शन के लिए आने की अनुमति दी गई है, लेकिन प्रशासन ने तय किया है कि उत्तराखंड में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। इस बीच, अनलॉक घोषित होने के बाद सरकार ने ई पास पोर्टल बंद कर इसकी जगह उत्तराखंड आने वाले यात्रियों के पंजीकरण के लिए देहरादून स्मार्ट सिटी वेबसाइट शुरू की है। मंगलवार को यह वेबसाइट भी ठप थी, जिस कारण यूपी के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं को जिले की सीमा जगबुड़ा पुल से लौटने को मजबूर होना पड़ा। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि बाहरी राज्यों से उत्तराखंड आने वालों के लिए सरकार ने पंजीकरण के लिए देहरादून स्मार्ट सिटी लि. नाम से ऑनलाइन वेबसाइट शुरू की है। यात्री इस वेबसाइट पर पंजीकरण कराने के बाद उत्तराखंड में प्रवेश कर सकते हैं। रोज पहुंच रहे पांच सौ से अधिक श्रद्धालु शारदीय नवरात्र के पहले से ही मां पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही का क्रम शुरू हो गया है। इन दिनों रोज पांच सौ से ज्यादा श्रद्धालु देवी मां के दर्शन को पहुंच रहे हैं। मंदिर समिति अध्यक्ष पंडित भुवन चंद्र पांडेय का कहना है कि देवी मां के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए समिति ने भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक स्वयंसेवक तैनात किए हैं। सीमा पर हो पंजीकरण की सुविधा मां पूर्णागिरि मंदिर समिति उपाध्यक्ष नीरज पांडेय ने मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए राज्य अथवा जिले की सीमा पर ऑनलाइन पंजीकरण केंद्र खोले जाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को सीमा पर पंजीकरण की सुविधा मिलने से सहूलियत होगी। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव मुरारी-hindusthansamachar.in