महिला समूहों को सशक्त करने के लिए डीएम ने बांटी सिलाई व बुनाई की मशीनें
महिला समूहों को सशक्त करने के लिए डीएम ने बांटी सिलाई व बुनाई की मशीनें
उत्तराखंड

महिला समूहों को सशक्त करने के लिए डीएम ने बांटी सिलाई व बुनाई की मशीनें

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गोपेश्वर, 27 जुलाई (हि.स.)। चमोली जिले के सीमावर्ती गांव नीती व बांपा गांव की महिलाओं की आजीविका बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने सोमवार को महिला समूहों को सिलाई एवं बुनाई मशीन का वितरण किया गया। इस दौरान महिला समूहों को आठ सिलाई मशीन तथा आठ नीटिंग मशीन उपलब्ध कराई गईं। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने विगत 13 जुलाई को सीमांत क्षेत्र के गांवों का भ्रमण कर लोगों की समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान नीती एवं बाम्पा की महिलाओं ने बताया कि क्षेत्र की महिला समूह परम्परागत हस्तशिल्प परिधानों की सिलाई, बुनाई ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है और इस कार्य में सीमांत क्षेत्र की महिलाएं निपुण भी हैं, लेकिन उनके पास सिलाई मशीन तथा नीटिंग मशीन न होने के कारण हाथों से बुनाई करने में अधिक समय लगता है, जिससे उनको कोई खास लाभ नहीं मिलता। उन्होंने जिलाधिकारी से सिलाई मशीन एवं नीटिंग मशीन दिलाने की मांग की थी। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने इसका संज्ञान लेते हुए सीएसआर फंड से महिला समूहों के लिए आठ सिलाई मशीन तथा सात नीटिंग मशीन क्रय महिलाओं को वितरित कीं। सिलाई, बुनाई के लिए मशीनें मिलने पर सीमांत क्षेत्र की महिलाएं बेहद खुश नजर आईं। लाभुक महिलाओं ने कहा कि मशीनें मिलने से उन्हें काफी फायदा होगा। जिस काम को हाथ से करने में उनको 10 से 15 दिन लगते थे अब वे मशीन की मदद से उस काम को एक दिन में ही कर सकती हैं और इससे उनको अच्छी आय भी मिल सकेगी। जिलाधिकारी ने महिलाओं को अधिक से अधिक परम्परागत वस्त्र तैयार करने के लिए प्रेरित करते हुये कहा कि मशीनें उपलब्ध कराने का मुख्य उदेश्य महिला समूहों की आय बढ़ाना है। कहा कि उनके तैयार किए वस्त्रों के विपणन की व्यवस्था भी कराई जाएगी। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडेय भी मौजूद थे। हिन्दुस्थान समाचार/जगदीश-hindusthansamachar.in