महाविद्यालय के शिक्षकों ने पोस्टकार्ड भेजकर की पुरानी पेंशन बहाली की मांग
महाविद्यालय के शिक्षकों ने पोस्टकार्ड भेजकर की पुरानी पेंशन बहाली की मांग
उत्तराखंड

महाविद्यालय के शिक्षकों ने पोस्टकार्ड भेजकर की पुरानी पेंशन बहाली की मांग

news

गोपेश्वर, 05 नवम्बर (हि.स.)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर के प्राध्यापकों ने गुरुवार को पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने नई पेंशन प्रणाली को अपने भविष्य के लिए सुरक्षित नहीं बताया। शिक्षकों ने पुरानी पेंशन प्रणाली को बहाल करने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड भेजे। साथ ही साथ उन्होंने देश के उच्च शिक्षा मंत्री एवं राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री को भी ज्ञापन भेजकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग की। प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डा. बीपी देवली ने कहा कि नई पेंशन प्रणाली पूरी तरह से बाजार आधारित अर्थव्यवस्था पर आधारित है जिसमें हमेशा से जोखिम भरा रहता है। उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थान में 30 से 35 वर्ष की सेवा करने के पश्चात भी राज्य एवं केन्द्र सरकार वर्ष 2005 के बाद नियुक्त हुई कर्मचारी अधिकारियों को पेंशन नहीं देती है जबकि एक दिन भी विधायक और सांसद बनने वाले प्रतिनिधियों को आजीवन पेंशन की सुविधा दी जा रही है यह कर्मचारियों और अधिकारियों के मानव अधिकारों का हनन है। इसलिए उन्होंने मांग की कि हर हाल में नई पेंशन प्रणाली बंद कर सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन प्रणाली में सम्मिलित किया जाए। इस अवसर पर महाविद्यालय में प्राध्यापक संघ का गठन किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से डॉ. बीपी देवली को अध्यक्ष, डॉ दर्शन नेगी को महामंत्री, डॉ. पूजा राठौर को उपाध्यक्ष, डॉ. सबज कुमार को सह सचिव, डॉ. गिरिधर जोशी को कोषाध्यक्ष चुना गया। जबकि डॉ. एमके उनियाल, डॉ. बीसी शाह, डॉ. मनीष डंगवाल, डॉ. एसके लाल, डॉ. एसएस रावत, डॉ. एससी बहुगुणा, डॉ. पीएल शाह को सलाहकार मनोनीत किया गया। हिन्दुस्थान समाचार/जगदीश-hindusthansamachar.in