मंडलायुक्त ने सूखाताल झील को पुनर्जीवित करने के तीन प्रस्ताव किये निरस्त
मंडलायुक्त ने सूखाताल झील को पुनर्जीवित करने के तीन प्रस्ताव किये निरस्त
उत्तराखंड

मंडलायुक्त ने सूखाताल झील को पुनर्जीवित करने के तीन प्रस्ताव किये निरस्त

news

-सिंचाई विभाग व जिला विकास प्राधिकरण से आपसी समन्वय से नये सिरे से वैज्ञानिक प्रस्ताव बनाने को कहा नैनीताल, 23 जुलाई (हि.स.)। नगर की विश्व प्रसिद्ध नैनी झील की सर्वाधिक जल प्रदाता मानी जाने वाली सूखाताल झील के पुनर्जीवित करने के लिये एक बार फिर से प्रयास शुरू किये जा रहे हैं। मंडलायुक्त अरविंद सिंह ह्यांकी ने सिंचाई विभाग द्वारा सूखाताल झील के विकास हेतु प्रस्तुत की गयी तीन योजनाओं को निरस्त कर दिया है और सिंचाई विभाग व जिला विकास प्राधिकरण से 20 अगस्त से पहले नगर के संभ्रान्त नागरिकों के साथ बैठक कर आपसी समन्वय से नये सिरे से वैज्ञानिक प्रस्ताव बनाने को कहा है। गुरुवार को यहां प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए हयांकी ने सिंचाई विभाग तथा जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण से प्रस्ताव तैयार करने को कहा। साथ ही सूखाताल झील में पानी बना रहे तथा आवश्यकता पड़ने पर नैनी झील को सूखाताल झील से पानी उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही पर्यटन की दृष्टि से सूखाताल झील को नए डेस्टीनेशन के रूप में भी विकसित जाये। उन्होंने निर्देश दिए कि सूखाताल झील के जीवितीकरण के लिए तैयार होने वाले प्रस्ताव में जल संग्रहण का भाग सिंचाई विभाग तथा सौन्दर्यीकरण का भाग जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण आपसी तालमेल से तैयार करें। उन्होंने सड़ियाताल (सरिता ताल) झील में पानी भरे रहने तथा झील के पानी में दुर्गंध की समस्या का समाधान करने को भी कहा। बैठक में केएमवीएन के एमडी एवं जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रोहित कुमार मीणा, प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय, एसडीएम विनोद कुमार, मुख्य अभियंता सिंचाई एनएस पतियाल, अधिशासी अभियंता सिंचाई एचसी सिंह, अधिशासी अभियंता जल संस्थान संतोष कुमार उपाध्याय आदि मौजूद रहे। हिन्दुस्थान समाचार/नवीन जोशी-hindusthansamachar.in