बैरागी कैंप में कुंभ संबंधी कार्य शुरू नहीं होने पर संतों ने जताया रोष

बैरागी कैंप में कुंभ संबंधी कार्य शुरू नहीं होने पर संतों ने जताया रोष
बैरागी कैंप में कुंभ संबंधी कार्य शुरू नहीं होने पर संतों ने जताया रोष

नरसिंह धाम में हुई बैरागी संतों की महत्वपूर्ण बैठक निम्न स्तर पर पहुंचा धर्मनगरी का स्वरूपः अयोध्याचार्य हरिद्वार, 28 अगस्त (हि.स.)। कुंभ मेले के सफल आयोजन को लेकर बैरागी संतों ने एकजुट होकर मां गंगा के जयकारे लगाए और मां गंगा से पूरे देश से कोरोना संकट समाप्त करने की प्रार्थनाएं भी की। इस मौके पर नरसिंह धाम में आयोजित बैरागी संतों की बैठक में जगद्गुरू रामानंदाचार्य स्वामी अयोध्याचार्य महाराज ने कहा कि मां गंगा के आशीर्वाद से कुंभ मेला निर्विघ्न रूप से आयोजित होगा। कुंभ मेला लाखों करोड़ों सनातन प्रेमियों की आस्था का केंद्र बिन्दु है। उन्होंने कहा कि 2021 का कुंभ मेला को भव्य व आलौकिक बनाने के लिये सभी संत त्रिवेंद्र सरकार व मेला प्रशासन से मांग कर रहे है कि हरिद्वार धार्मिक नगरी को धार्मिक कलाकृतियों से सजाया जाए। जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को हरिद्वार की दिव्यता का अहसास हो सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन की लचर कार्यशैली के चलते धर्मनगरी का स्वरूप बिल्कुल निम्न स्तर पर पहुंच गया और अव्यवस्थाएं हावी हैं। श्रीपंच निर्मोही अणी अखाड़े के महंत राजेंद्रदास महाराज व श्रीपंच निर्वाणी अणी अखाड़े के महंत धर्मदास महाराज ने संयुक्त रूप से कहा कि अक्टूबर माह से ही पूरे देश से बैरागी संत हरिद्वार पहुंचने लगेंगे। प्रशासन बैरागी संतों की संख्या को कमतर न आंके। इसलिए प्रशासन को सचेत होकर अपनी तैयारियां तेज करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बैरागी कैंप में जहां बैरागी संतों की छावनियां स्थापित होती हैं। वहां कुंभ मेले के नाम पर अभी तक एक भी ईंट भी नहीं लगायी गयी है। बैरागी संत बार-बार अस्थाई अतिक्रमण हटाने की मांग कर रहे हैं। इस पर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। बैठक में बाबा हठयोगी व महंत रामशरणदास महाराज ने कहा कि बैरागी कैंप में प्रशासन की कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है, जिसे लेकर संतों में रोष बना हुआ है। उन्होंने कहा कि बैरागी कैंप में संतों की छावनियां स्थापित करने के लिए जल्द से जल्द भूमि आवंटन कर बिजली, पानी, सड़क व शौचालय आदि की व्यवस्था करने की मांग की है।जिससे समय रहते अखाड़े भी अपनी व्यवस्थाएं कर सकें। बैठक में महंत किशनदास, महंत मोहनदास, महंत मनमोहन दास, महंत रामजीदास, महंत किशनदास, साध्वी विजय लक्ष्मी, साध्वी जयश्री, महंत रामशरण दास, महंत अगस्त दास, महंत सिंटू दास, बाबा योगीराज आदि उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत-hindusthansamachar.in