बैरागी अखाड़ों की उपेक्षा कर रहा है कुंभ मेला प्रशासनः अयोध्याचार्य
बैरागी अखाड़ों की उपेक्षा कर रहा है कुंभ मेला प्रशासनः अयोध्याचार्य
उत्तराखंड

बैरागी अखाड़ों की उपेक्षा कर रहा है कुंभ मेला प्रशासनः अयोध्याचार्य

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हरिद्वार, 27 दिसम्बर (हि.स.)। कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर वैष्णव अखाड़ों के संत महापुरुषों ने श्रीनृसिंह धाम में बैठक में कुंभ मेले के कार्याें के शुरू न हाेने और बैरागी संतों की प्रशासन की ओर से उपेक्षा करने पर चिंता व्यक्त की। अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अणी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्रदास महाराज ने कहा कि कुंभ मेले को लेकर कुंभ मेला प्रशासन गंभीर नहीं है। भूमि आवंटन का मामला भी अब तक अधर में लटका है। जिन स्थानों पर संतों के शिविर स्थापित होने हैं। उन स्थानों पर बिजली, पानी, शौचालय की व्यवस्था न होना कुंभ मेला प्रशासन पर सवाल खड़े कर रहा है। मात्र कागजों में कुंभ मेल की तैयारियों को दर्शाया जा रहा है, जबकि धरातल पर कहीं भी तैयारी नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि इतिहास व संस्कृति को दर्शाने वाले कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को तेजी के साथ लागू किया जाना चाहिए। कुंभ मेले में धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ आदि धरती से लेकर पाताल तक विपदाओं को हल करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। धार्मिक अनुष्ठान ही राष्ट्र का कल्याण करने में सहायक हैं। उन्होंने कुंभ मेला प्रशासन से भूमि आवंटन करने के साथ ही कुंभ मेला क्षेत्र में बिजली, पानी, शौचालय, पार्किंग आदि की सुविधाओं के कार्य को तत्काल शुरू करने की मांग की है। बैठक में जगद्गुरू रामानंदाचार्य स्वामी अयोध्याचार्य महाराज ने कहा कि कुंभ के दौरान बैरागी कैंप में ही वैष्णव अखाड़ों के शिविर लगते हैं। कुंभ मेला शुरू होने वाला है। लेकिन मेला प्रशासन ने बैरागी कैंप में अभी तक कोई कार्य शुरू ही नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुंभ में वैष्णव अखाड़ों की पूरी तरह उपेक्षा की जाती रही है। मेला प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है। मेला प्रशासन जल्द से जल्द बैरागी कैंप में सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाए। श्रीपंच निर्वाणी अणी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत धर्मदास महाराज ने कहा कि वैष्णव अखाड़ों की उपेक्षा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हरिद्वार का मेला प्रशासन जिस प्रकार बैरागी अखाड़ों की उपेक्षा कर रहा है। वह उचित नहीं है। मेला प्रशासन को सभी अखाड़ों के प्रति समान नजरिया अपनाते हुए बैरागी कैंप में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। बाबा हठयोगी ने कहा कि वैष्णव अखाड़ों को छोड़कर अन्य सभी अखाड़ों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं लेकिन बैरागी संतों की पूरी तरह उपेक्षा की जा रही है। मेला प्रशासन ने बैरागी कैंप क्षेत्र में अब तक कोई काम शुरू नहीं कराया है। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत-hindusthansamachar.in

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