फोन ठीक ना करने पर बीएसएनएल को 55 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश
फोन ठीक ना करने पर बीएसएनएल को 55 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश
उत्तराखंड

फोन ठीक ना करने पर बीएसएनएल को 55 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश

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हरिद्वार, 10 सितम्बर (हि.स.)। जिला उपभोक्ता आयोग ने भारत संचार निगम लिमिटेड के मैनेजर को उपभोक्ता सेवा में कमी करने का दोषी पाया है। आयोग ने मैनेजर को मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के रूप में 50 हजार व शिकायत खर्च के रूप में पांच हजार रुपये शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए हैं। साथ ही तय अवधि में हर्जाना राशि नहीं देने पर छह प्रतिशत ब्याज भी देने के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ता कुशलपाल सिंह चौहान निवासी ग्राम शारदा नगर ज्वालापुर ने भारत संचार निगम लिमिटेड हरिद्वार के मैनेजर के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उसने वर्ष 2005 में एक लैंड लाइन फोन कनेक्शन लिया था। उक्त फोन तीन वर्ष तो ठीक ठाक चला लेकिन इसके बाद फोन की लाइन में खराबी आ गई थी। कई बार शिकायतकर्ता ने विभागीय कर्मचारियों से शिकायत की लेकिन विभागीय कर्मचारियों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया था। कई बार चक्कर काटने के बाद विभागीय कर्मचारियों ने लाइन ठीक करने का आश्वासन दिया था। उसी दौरान शिकायतकर्ता ने उक्त फोन को अपने नए पते शिव विहार कॉलोनी लालमन्दिर ट्रांसफर करा लिया लेकिन फिर भी उक्त फोन सही नहीं हुआ जबकि शिकायतकर्ता नियमित तौर पर बिलों का भुगतान करता रहा। सितम्बर, 2016 में शिकायतकर्ता ने विभागीय कर्मचारियों पर खराब फोन को सही करने से इनकार करने का आरोप लगाया था। थक हारकर शिकायतकर्ता ने आयोग की शरण ली थी। शिकायतकर्ता के वकील दिनेश वर्मा ने बताया कि शिकायत की सुनवाई के बाद आयोग अध्यक्ष कंवर सैन व सदस्यों ने भारत संचार निगम लिमिटेड को उपभोक्ता सेवा में कमी करने का दोषी ठहराया है। हिन्दुस्थानसमाचार/रजनीकांत-hindusthansamachar.in