पुर्नवास नीती का लाभ न मिलने के लिए भाजपा-कांग्रेस जिम्मेदार: राणा
पुर्नवास नीती का लाभ न मिलने के लिए भाजपा-कांग्रेस जिम्मेदार: राणा
उत्तराखंड

पुर्नवास नीती का लाभ न मिलने के लिए भाजपा-कांग्रेस जिम्मेदार: राणा

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नई टिहरी, 05 नवम्बर (हि.स.)। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला सचिव भगवान सिंह राणा ने कहा कि टिहरी बांध प्रभावितों के लिए 1998 में बनी पुर्नवास नीती का लाभ टिहरी-उत्तरकाशी के बांध प्रभावित, बांध विस्थापित व आंशिक प्रभावितों को आज तक नहीं मिल पाया है। प्रदेश में लगातार काबित भाजपा व कांग्रेस की सरकारें इसके लिए जिम्मेदार है। हनुमंत राव कमेटी के स्वीकृत प्रावधानों पर आज तक अमल न होने को लेकर आंदोलन की रणनीती बनायेंगे। प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से राणा ने अवगत कराया कि पुर्नवास नीती में रियायती 15 रुपये की दरों पर बिजली कनेक्शन देने का भी प्रावधान किया गया था। पुर्नवास नीती को बने लगभग 22 साल हो गये हैं, लेकिन आज भी पुर्नवास नीती का लाभ आम लोगों को नहीं मिल पाया है। वामपंथियों के सहयोग से तत्कालीन देवगौड़ा सरकार ने 1997 में टिहरी बांध से प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से प्रभावित परिवारों को लेकर रिपोर्ट देने को हनुमंत रावत कमेटी का गठन किया था। जिसकी अधिकांश संस्तुतियों बाजपेई सरकार ने खारिज कर दिया था। बांध प्रभावित टिहरी व उत्तरकाशी के वाशिंदों को फ्री बिजली व पानी का रास्ता हनुमंत राव कमेटी की संस्तुति से ही होकर गुजरता है। लेकिन भाजपा-कांग्रेस ने संघर्षों से हासिल इस तरह के नीतीगत प्रावधानों को ठिकाने लगाने का काम किया है। जिससे आज भी टिहरी बांध विस्थापितों व प्रभावितों की समस्याओं को समाधान नहीं हो पाया है। अखिल भारतीय किसान सभा की टिहरी जिला कौंसिल का टिहरी बांध प्रभावित जनता के सवालों को लेकर लड़ने का जुझारू क्रांतिकारी इतिहास रहा है। क्योंकि बहुत सारे प्रावधान जो स्वीकार किए गये थे, लेकिन अमल से आज भी वंचित हैं। जिन्हें लेकर आंदोलन की योजनाबद्ध रणनीती बनाने का काम किया जायेगा। ऐसे अनुतरित सवाल जो नीतिगत तौर स्वीकार नहीं किए गए हैं। को मिलाकर , जनांदोलनों की दरकार बनी हुई है। अखिल भारतीय किसान सभा इन तमाम अनुतरित सवालों को लेकर योजनाबद्ध ढंग से संघर्ष की रूप रेखा तैयार करेगी। हिन्दुस्थान समाचार/प्रदीप डबराल-hindusthansamachar.in