परंपरागत स्वरूप में ही संपन्न होगा कुंभ मेलाः नरेंद्र गिरि
परंपरागत स्वरूप में ही संपन्न होगा कुंभ मेलाः नरेंद्र गिरि
उत्तराखंड

परंपरागत स्वरूप में ही संपन्न होगा कुंभ मेलाः नरेंद्र गिरि

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-मुख्यमंत्री केे साथ बैठक में कुंभ मेले के स्वरूप पर बनी सहमति हरिद्वार, 22 नवम्बर (हि.स.)। कुंभ मेले के आयोजन को लेकर राजधानी देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों व मुख्यमंत्री के बीच हुई बैठक में अखाड़ों की पहल पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरकी पैड़ी पर बह रही जल धारा को स्कैप चैनल बताने वाले शासनादेश को रद्द करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की घोषणा का स्वागत करते हुए सभी तेरह अखाड़ों के संतों ने मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक का आभार जताया। बैठक में तय हुआ है कि कुंभ मेला पारंपरिक स्वरूप में आयोजित होगा। परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि महाराज ने बताया कि बैठक में तय किया गया कि अगले वर्ष होने वाला कुंभ मेला हमेशा की तरह अपने परंपरागत स्वरूप में दिव्य व भव्य रूप से ही संपन्न होगा। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि महाराज ने बताया कि बैठक में तय हुआ है कि मेला क्षेत्र से अतिक्रमण हटाकर सभी पेशवाई मार्ग व शाही स्नान के लिए हरकी पैड़ी जाने वाले मार्ग का निर्माण कराने के साथ मेला क्षेत्र में संतों व श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। बैरागी कैंप को लेकर तय हुआ है कि हमेशा की तरह बैरागी अखाड़ों के शिविर बैरागी कैंप में ही लगेंगे। जल्द ही संतों की छावनियां स्थापित करने के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। कुंभ निधि से सभी अखाड़ों के भव्य द्वार का निर्माण भी कराया जाएगा। कुंभ मेला का स्वरूप क्या होगा, इस पर 15 फरवरी के बाद निर्णय लिया जाएगा। यदि स्थिति सामान्य रहती है तो दिव्य व भव्य रूप से कुंभ संपन्न कराया जाएगा। यदि कोरोना को लेकर स्थिति बिगड़ती है तो कोविड नियमों के अनुसार ही सभी संत महापुरुष शाही स्नान करेंगे। बैठक में पहुंचे सभी संतों का मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद व सभी संत महापुरुषों की भावनाओं के अनुरूप ही कुंभ मेला संपन्न कराया जाएगा। मेले के दौरान संतों व श्रद्धालुओं को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार दिन रात काम कर रही है। बैठक में कुंभ मेला आईजी संजय गुंज्याल, मेला अधिकारी दीपक रावत, अपर मेला अधिकारी हरबीर सिंह सहित अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी, महामंत्री हरिगिरी, मुखिया महंत भगतराम, राजेंद्रदास महाराज, धर्मदास महाराज, महंत रविन्द्रपुरी, महंत रामरतन गिरि, महंत दिनेश गिरी, महंत गौरीशंकर दास, महंत रामशरण दास आदि शामिल हुए। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत/मुकुंद-hindusthansamachar.in