नोटिस से बैरागी संत खफा, कुंभ स्नान बहिष्कार की चेतावनी
नोटिस से बैरागी संत खफा, कुंभ स्नान बहिष्कार की चेतावनी
उत्तराखंड

नोटिस से बैरागी संत खफा, कुंभ स्नान बहिष्कार की चेतावनी

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हरिद्वार, 30 अगस्त (हि.स.)। बैरागी क्षेत्र में प्रशासन द्वारा बैरागी संतों के तीनों अखाड़ों निर्मोही, निर्वाणी और दिगंबर की स्थापित चरण पादुका को अतिक्रमण के नाम पर हटाने का नोटिस देने पर संतों में उबाल है। आगबबूला संतों ने कुंभ स्नान पर्व के बहिष्कार की धमकी दी है। तीनों अखाड़ों के संतों ने रविवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि बैरागी संतों को नोटिस देना संतों का अपमान है। इसके साथ ही उन्होंने मेला प्रशासन से दी जाने वाली सभी सुविधाओं के बहिष्कार की घोषणा की। इस मौके पर महंत धर्मदास महाराज, महंत राजेंद्रदास सहित अन्य संतों ने कहा कि आदिकाल से बैरागी कैंप बैरागी अखाड़ों के लिए आरक्षित रहा है। इस जमीन पर भू-माफिया ने कब्जे कर लिए हैं। प्रशासन भू-माफिया के कब्जे को हटाने की बजाए हमारी चरण पादुका को अतिक्रमण के नाम पर हटाने का नोटिस भेज रहा है। उन्होंने कुंभ मेले में सरकार द्वारा प्रत्येक अखाड़े को दी जा रही 1-1 करोड़ रुपये की धनराशि से बैरागी क्षेत्र में अखाड़ों का स्थाई निर्माण करने की भी मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो जरूरत पड़ने पर कंभ मेले का भी बहिष्कार किया जा सकता है। इस मौके पर उन्होंने अखाड़ा परिषद की कार्यशैली के प्रति भी अपना रोष व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि 2010 के कुंभ में बैरागी संतों ने शासन द्वारा छावनी के लिए दी गई मेला भूमि पर पक्के निर्माण कर लिए थे। इसको लेकर पूर्व में भी विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई थी। प्रशासन ने कुछ अतिक्रमण हटा दिए थे, किन्तु मंदिरों को नहीं तोड़ा गया था। अब प्रशासन द्वारा नोटिस दिए जाने पर बैरागी संतों में उबाल है। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत/मुकुंद-hindusthansamachar.in