नैनी झील के आंकड़े प्रदर्शित करने वाली परियोजना का एसडीएम ने किया निरीक्षण
नैनी झील के आंकड़े प्रदर्शित करने वाली परियोजना का एसडीएम ने किया निरीक्षण
उत्तराखंड

नैनी झील के आंकड़े प्रदर्शित करने वाली परियोजना का एसडीएम ने किया निरीक्षण

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नैनीताल, 18 अक्टूबर (हि.स.)। सरोवर नगरी का हृदय कही जाने वाली नैनी झील में यूनएनडीपी नई दिल्ली द्वारा लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से ‘आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस बेस्ड लेक मानिटरिंग सिस्टम फॉर नैनी लेक’ परियोजना के तहत सेंसर एवं डिस्प्ले स्क्रीन लगाये जाने का कार्य किया जा रहा है। रविवार को एसडीएम विनोद कुमार ने इन कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग विनीत कुरील, अधिशासी अभियंता सिचाई हरीश सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका अशोक वर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार, तकनीकी संस्थान बसार लैब के ताकर तथा धर्मेन्द आदि लोग मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि पूर्व में नैनी झील के अस्तित्व को बरकरार रखने के लिए डीएम सविन बंसल के प्रयासों से झील की तलीय संरचना एवं जल गुणवत्ता का विश्लेषण करने के लिए इसरो यानी भारतीय सुदूर संस्थान देहरादून द्वारा अन्वेषण कार्य किये गए। इसरो से प्राप्त आंकणों एवं सूचनाओं का जिला कार्यालय नैनीताल स्थित जीआईएस लैब में गहन विश्लेषण करते हुये नैनीझील की सम्पूर्ण सतत तलीय भौतिक संरचना (कन्टीन्यूएश लेक बैड मैपिंग) एवं जल गुणवत्ता (टोटल डिजाल्व सोलिड एंड डिजाल्व आक्सीजन मैपिंग) की गई तथा प्राप्त परिणामों से नैनी झील का आकलन किया गया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिह रावत ने 27 फरवरी को प्राप्त नतीजों का लोकापर्ण किया था और इस कार्य के लिए डीएम बंसल की सराहना करते हुए उन्हें शाबाशी दी थी। इन आंकड़ों का होगा प्रदर्शन: नैनी झील में लगाए जा रहे सेंसरों से बायो केमिकल आक्सीजन डिमांड (बीओडी), केमिकल आक्सीजन डिमांड (सीओडी), टोटल आर्गेनिक कार्बन (टीओसी), डिजाल्व आर्गेनिक कार्बन (डीओसी), डिजाल्व आक्सीजन, प्रेशर, क्लोराइड, पीएच, टेम्परेचर, ऑप्टीकल ब्राइटनेस, नाइट्रेट, टरबीटीटी, क्रूड ऑयल (सीडीओएम) आदि तत्वों से परिणामों का पता चलेगा। इससे नैनी झील के अंतर्जलीय वनस्पति एवं जीव जंतुओं हेतु अनुकूल पर्यावरण विकास एवं प्रबंधन करते हुये झील का संरक्षण किया जायेगा। उम्मीद की जा रही है कि गुणवत्ता से संबंधित इन आंकणों के सतत प्रदर्शन से स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों में नैनीझील को स्वच्छ रखने की दिशा में जागरुकता बढे़गी। साथ ही नैनी झील को स्वच्छ बनाये रखने के लिए नगर पालिका, सिचाई, लोनिवि, जल संस्थान आदि विभागों पर सामुदायिक दबाव बनेगा। सीएम करेंगे लोकार्पण: इस परियोजना के तहत नैनी झील की जल गुणवत्ता के सतत मापन के लुए मल्लीताल पम्प हाउस तथा तल्लीताल एरियेटर प्लांट में एक-एक प्रोटियएस सेंसर स्थापित किये जा रहे हैं। इनसे झील के पानी की गुणवत्ता से संबंधित आंकड़ों को तल्लीताल डांठ पर महात्मा गांधी की मूर्ति के पीछे एलईडी स्क्रीन तथा एसएमएस तथा ऐप द्वारा आम जनमानस के अवलोकनार्थ प्रसारित किया जायेगा। निकट भविष्य मे प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिह रावत नैनीताल आगमन पर इस महत्वपूर्ण परियोजना का लोकार्पण करेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/नवीन जोशी/मुकुंद-hindusthansamachar.in