नैनी झील का ‘रियल टाइम लेक मॉनीटरिंग सिस्टम’ सिंचाई विभाग के हवाले
नैनी झील का ‘रियल टाइम लेक मॉनीटरिंग सिस्टम’ सिंचाई विभाग के हवाले
उत्तराखंड

नैनी झील का ‘रियल टाइम लेक मॉनीटरिंग सिस्टम’ सिंचाई विभाग के हवाले

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नैनीताल, 17 नवम्बर (हि.स.)। जिला प्रशासन की अभिनव पहल से नैनी झील में पेयजल गुणवत्ता के सतत अनुश्रवण के लिए स्थापित यूएनडीपी की सहायतित परियोजना ‘आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस बेस रियल टाइम लेक मॉनिटारिंग सिस्टम’ का संचालन मंगलवार को सिंचाई विभाग को हस्तगत कर दिया गया। मंगलवार को तल्लीताल डॉठ में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम व वसार लेब्स आईटी सोलूशन्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा स्थापित ‘आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस बेस रियल टाइम लेक मॉनिटारिंग सिस्टम’ को डीएम सविन बंसल ने गठित कोर कमेटी के समक्ष अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग को हस्तगत कर दिया। इस अवसर पर बताया कि परियोजना का सुचारू संचालन, उपकरणों की देख-रेख, रखरखाव, तकनीकी आकड़ाें का संचालन व संकलन आदि इस मानक प्रचालन विधि के अनुसार किया जाना है। इस प्रणाली के दीर्घकालिक एवं सुचारू संचालन हेतु समस्त उपकरण, साफ्टवेयर एवं संचालन प्रक्रिया, इसके रखरखाव, सुरक्षा, संचालन में होने वाले व्यय का वहन आदि के लिए सिचांई विभाग नैनीताल को जिला प्रशासन की ओर से उत्तरदायी विभाग नामित करते हुए अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड नैनीताल को नोडल अधिकारी नामित किया गया। बताया गया कि प्रणाली के सतत संचालन हेतु आवश्यकता अनुसार मांग पर संम्भावित व्यय की प्रतिपूर्ति जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला प्रशासन द्वारा की जायेगी। इस प्रणाली के सुचारू संचालन एंव अन्तर्विभागीय समन्वय के लिए कोर समिति का गठन किया गया है। जिसमें जिला प्रशासन के प्रतिनिधि, सिचांई खंड, जल संस्थान व ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी, आपदा प्रबंधन अधिकारी एवं यूएनडीपी के प्रतिनिधि रखे गए हैं। कोर कमेटी के सदस्यों पर रियल टाइम मोबाइल ऐप में डाटा इंट्री, पानी की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग, सिटी प्लान, समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण, पानी की गुणवत्ता पर निगरानी रखते हुए समय-समय पर सफाई, जल निकासी व मरम्मत कराने तथा निर्धारित समय पर कोर कमेटी की बैठक व डीएम के अध्यक्षता में बैठक कराने का दायित्व होगा। आंकड़े इस तरह होंगे प्रदर्शित नैनीताल। नैनी झील के रियल टाइम आंकड़े लेने के लिए मल्लीताल पम्प हाउस तथा तल्लीताल एरियेसन प्लांट में एक-एक प्रोटियएस सेंसर स्थापित किये गये हैं। इन सेंसरों से बायोकैमिकल ऑक्सीजन डिमांड, टोटल आर्गेनिक कार्बन, डिजाल्व आर्गेनिक कार्बन, डिजाल्व ऑक्सीजन, प्रेशर क्लोराइड, पीएच टेम्प्रेचर, ऑप्टीकल ब्राइनटर, नाइट्रेट टरबीटीटी, रिफाइन्ड आयल, अमोनियम, टीडीएस आदि तत्व ज्ञात की जा रही है। इनसे प्राप्त आंकड़ों से प्राप्त झील के पानी की गुणवत्ता सम्बंधित आंकड़ों को तल्लीताल डांठ पर महात्मां गांधी के मूर्ति के समीप एलईडी स्क्रीन पर आम जनमानस के लिए प्रसारित किया जा रहा है। इस प्रणाली से नैनीझील के अर्न्तजलीय वनस्पति एवं जीव जन्तुओं हेतु अनुकूल पर्यावरण विकास एवं प्रबन्धन करते हुए झील का संरक्षण किया जा सकेगा। हिन्दुस्थान समाचार/नवीन जोशी-hindusthansamachar.in