ठगी मामले में 12 साल से फरार किट्टी संचालक दंपत्ति नोयडा से गिरफ्तार
ठगी मामले में 12 साल से फरार किट्टी संचालक दंपत्ति नोयडा से गिरफ्तार
उत्तराखंड

ठगी मामले में 12 साल से फरार किट्टी संचालक दंपत्ति नोयडा से गिरफ्तार

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- 2008 से फरार चल रहे थे इनामी पति-पत्नी - किट्टी के नाम पर 60 से 70 लाख रुपए किए थे एकत्र देहरादून, 23 दिसम्बर (हि.स.)। देहरादून पुलिस ने ठगी के मामले में 12 साल से फरार चल रहे किट्टी संचालक इनामी दंपति को नोयडा से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता प्राप्त की है। दंपति दून के सैकड़ों लोगों का 60 से 70 लाख रुपये लेकर साल 2008 से गायब थे। दंपत्ति को गिरफ्तार करने वाली टीम में डालनवाला पुलिस और एसओजी की मुख्य भूमिका रही। डीआइजी की तरफ से पुलिस टीम को पांच-पांच हजार का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) योगेंद्र रावत ने अपने कार्यालय में पत्रकारों को बताया कि 12 वर्ष से फरार इस दपत्ति पर 10-10 हजार रुपये का इनामी था। उन्होंने बताया कि दून पुलिस ने इन्हें नोयडा से गिरफ्तार किया था। इस मौके पर एसपीसी टी स्वेता चौबे, डालनवाला इंस्पेक्टर मणिभूषण श्रीवास्तव मौजूद रहे। पत्रकार वार्ता के दौरान पुलिस कप्तान योगेंद्र ने बताया कि इन दंपत्ति की गिरफ्तारी के लिए डीजीपी के निर्देशन में पुलिस काम कर रही थी। पुलिस अधीक्षक नगर तथा पुलिस उपाधीक्षक डालनवाला के पर्यवेक्षण में एक टीम गठित की गई थी। थाना डालनवाला में पंजीकृत धोखाधड़ी के अभियोग में वर्ष 2008 से फरार चल रहे इनामी दम्पत्ति संजीव बस्सी व उसकी पत्नी नवीता बस्सी के सम्बन्ध में पुलिस टीम को जानकारी मिली की इनामी दम्पत्ति का पुत्र पूर्व में देहरादून के एक स्कूल में अध्यनरत था। वहां से मोबाईल नम्बर की काल डिटेल निकालने पर नम्बरों की लोकेशन मुम्बई, गुजरात, राजस्थान, नोयडा आदि जगहों पर मिला। उन्होंने बताया कि 22 दिसम्बर 2020 को मुखबिर व सर्विलांस पुलिस टीम को दंपत्ति की नोएडा में लोकेशन मिली। प्रभारी निरीक्षक डालनवाला के नेतृत्व में एक टीम नोएडा पहुंची और ग्रेटर नोएडा स्थित गौर सिटी के फ्लैट न. 560, टावर विस्टेरिया, गौर सुन्दरियम से दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया। जिन्हें बाद गिरफ्तारी देहरादून लाया गया।पकड़े गए आरोपित संजीव बस्सी पुत्र सुरजीत सिंह व नविता बस्ती पत्नी संजीव बस्सी नि. 33 आदर्श नगर, किशननगर चौक, थाना कैन्ट देहरादून के रहने वाले हैं। ज्वैलरी की दुकान से किट्टी का कार्य किया शुरु पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वर्ष 2006 में राजपुर रोड अजन्ता होटल के पास ज्वैलरी की दुकान खोली थी। इसके बाद किट्टी कमेटी का कार्य शुरू किया। इस कमेटी में करीब 600 लोग जुड़े थे। इसके बाद दोनों ने किट्टी के कार्य में लोगों के करीब 60-70 लाख रूपये जमा कर लिए। लोगों के पैसे वापस मांगने के दबाव बनने पर दोनों लोग सारा पैसा लेकर पूरे परिवार सहित सूरत गुजरात फरार हो गये थे। तब से हम अपनी पहचान छिपाकर मुम्बई में रहता था। अभी एक माह पूर्व ही वह नोयडा में रह रहे थे। डीआईजी और एसएसपी ने इनाम की घोषणा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दंपत्ति को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को जिले से ढाई हजार रुपये देने की घोषणा की है। इसके अलावा उपमहानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र ने भी पुलिस टीम को पांच हजार का रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। हिन्दुस्थान समाचार/राजेश-hindusthansamachar.in