टिहरीः रक्षाबंधन से पहले तीन भाई बहनों की मलबे में दबकर मौत, परिवार में कोहराम
टिहरीः रक्षाबंधन से पहले तीन भाई बहनों की मलबे में दबकर मौत, परिवार में कोहराम
उत्तराखंड

टिहरीः रक्षाबंधन से पहले तीन भाई बहनों की मलबे में दबकर मौत, परिवार में कोहराम

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- एनएच 94 का भारी-भरकम पुश्ता ढहने से गांव खेड़ा गाड में मकान मलबे में दबा, तीन जिंदा दफन - तड़के 4 बजे की घटना, पुलिस-प्रशासन व एसडीआरएफ टीम ने मौके पर पहुंच चलाया रेस्क्यू - घटना की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश, एक सप्ताह में एसडीएम से मांगी जांच रिपोर्ट नई टिहरी, 31 जुलाई (हि.स.)। नरेंद्रनगर ब्लाक के तहत ऋषिकेश-गंगोत्री राजमार्ग (एनएच-94) का भारी-भरकम पुश्ता ढहने से हिंदोलाखाल के पास ग्राम खेड़ागाड में एक मकान मलबे में दब गया। मलबे की चपेट में आये मकान में तीन लोग दब गये, जिनकी इस दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। मकान मालिक धर्म सिंह नेगी ने मलबे से किसी तरह निकलकर अपनी जान बचाई। बीती देर रात से हो रही भारी बारिश के बीच आज तड़के चार बजे हिंदोलखाल के निकटा ग्राम सभा खेड़ा गाड में एनएच-94 का भारी-भरकम पुश्ता ढहने के कारण उसके नीचे लगा दो मंजिला भवन मलबे की चपेट में आ गया। मलबे की चपेट में आने से किसी तरह से शिक्षा विभाग में कार्यरत मकान स्वामी धर्म सिंह नेगी, जो एक कमरे में सो रहे थे, ने अपनी जान मलबे के बीच से निकलकर किसी तरह से बचाई, लेकिन मकान के ढहने से मलबे में दूसरे कमरे में सो रहे धर्म सिंह नेगी का पुत्र अंकित (18), बेटी बिनीता (25) व साढू भाई कमल सिंह की पुत्री नीलम (23) मकान के भीतर ही मलबे में दब गये। ग्रामीणों ने मलबे से मकान दबने की सूचना किसी तरह से पुलिस-प्रशासन को दी। पुलिस-प्रशासन एसडीआरएफ टीम के साथ सुबह पांच बजे घटना स्थल पर पहुंचे। जहां पर एसडीआरएफ व जेसीबी की मदद से रेस्क्यू का काम शुरू किया गया। सुबह से दोहपर तक भारी मशक्कत से चले रेस्क्यू के बाद तीनों शवों का मलबे से बाहर निकाला जा सका। रेस्क्यू के दौरान एसडीएम युक्ता मिश्र, सीओ प्रमोद शाह, एसओ मनीष उपाध्याय मौजूद रहे। कृषि मंत्री घटना को लेकर एनएच की बैठक लेंगे घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल व पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत मौके पर पहुंचे। मंत्री सुबोध उनियाल तथा ओम गोपाल रावत ने पूरी घटना की जानकारी ली। जिसके बाद मंत्री सुबोध उनियाल ने इस दर्दनाक घटना को लेकर 1 अगस्त को अपराह्न 2 बजे दिन में विकासखंड मुख्यालय में एनएच के आलाधिकारियों की बैठक बुलाई है। एनएच के अधिकारियों ने ली थाने की शरण घटना की सूचना पर जब एनएच के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो लोगों का गुस्सा भड़क गया। लोगों ने एनएच के अधिकारियों व कंस्ट्रक्शन कंपनी पर घटिया निर्माण का आरोप लगाते हुए सांकेतिक जाम भी लगाया। मौके पर पहुंची एसडीएम युक्ता मिश्र व सीओ प्रमोद शाह के समझाने पर जाम खोला। डरे हुए एनएच के अधिकारियों ने नरेंद्रनगर थाने में जाकर शरण ली। ग्रामीणों ने एनएच के अधिकारियों व कंस्ट्रक्शन कंपनी पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की। ग्रामीणों का यह भी कहना है एनएच के निर्माण में दर्जनों स्थान पर गुणवत्ताविहीन काम किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों की जान जोखिम में बनी हुई है। इसकी जांच करवाई जानी चाहिए। डीएम ने दिये मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश एनएच-94 पर हिंदोलखाल में सुबह तड़के चार बजे हुये इस घटना में तीन लोग के मलबे में दबकर करने की घटना को लेकर डीएम मंगेश घिल्डियाल ने मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिये हैं। जांच अधिकारी एसडीएम युक्ता मिश्र को बनाते हुए तकनीकी कारणों की जांच के लिए लोनिवि ईई मौहम्मद आरिफ, पीएमजीएसवाई ईई आरबी तिवारी व ईई सिंचाई विभाग कमल सिंह को नामित किया है। जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर देनी होगी। हिन्दुस्थान समाचार/प्रदीप डबराल/-hindusthansamachar.in