चीन के दबाव में कालापानी पर नेपाल का दावा भ्रामक और झूठा: कार्की
चीन के दबाव में कालापानी पर नेपाल का दावा भ्रामक और झूठा: कार्की
उत्तराखंड

चीन के दबाव में कालापानी पर नेपाल का दावा भ्रामक और झूठा: कार्की

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-हिन्दू जागरण मंच के प्रदेश संगठन मंत्री ने कहा- विकट परिस्थितियों के बावजूद सीमावर्ती नागरिकों का देशप्रेम का जज्बा अनुकरणीय - अगस्त 2021 में आदि कैलाश महोत्सव का आयोजन करेगा हिन्दू जागरण मंच नैनीताल, 18 अक्टूबर (हि.स.)। हिन्दू जागरण मंच के प्रदेश संगठन मंत्री भगवान कार्की ने एक सप्ताह पूर्व से भारत-नेपाल व चीन सीमा से लगे हुए सीमांत क्षेत्रों की यात्रा कर रविवार को नगर में आयोजित एक बैठक में अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि 1815 में हुई सुगौली की संधि के पश्चात कालापानी क्षेत्र को भारत एवं नेपाल की सीमा के रूप में स्वीकार किया गया था। इसलिए चीन के दबाव में आकर नेपाल द्वारा इस क्षेत्र को अपना बताने का दावा भ्रामक एवं झूठा है। उन्होंने कहा कि कालापानी एवं लिपुलेख दर्रे भारत के लिए चीनी गतिविधियों पर नजर रखने एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि कुछ सीमांत क्षेत्रों में बिजली एवं दूरसंचार की व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में वह प्रदेश सरकार से वार्ता कर अति शीघ्र व्यवस्था करवाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि इतनी विषम एवं विकट परिस्थितियों में भी देशभक्ति की भावनाओं से ओत-प्रोत ग्रामीणों के जज्बे से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। यात्रा में उनके साथ आलोक धामी, राजू नेगी, मनोज साही, राजेंद्र बिष्ट एवं दीपक नेगी भी शामिल रहे। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में आइटीबीपी के जवानों की कड़ी सुरक्षा व चौकसी में सीमाएं सुरक्षित हैं। सीमांत क्षेत्रों की जन भावनाओं से जुड़े रहने के उद्देश्य से हिन्दू जागरण मंच अगस्त 2021 में आदि कैलाश महोत्सव का आयोजन करेगा, जिसमें मुख्य रूप से आदि कैलाश यात्रा, ओम पर्वत एवं सीमांत क्षेत्रों की यात्रा को प्रारंभ किया जाएगा। बैठक में सचिन मेहता, पान सिंह बिष्ट, नवीन तिवारी, डॉ. केतकी कुमैय्या, भास्कर आर्य, वैभव आर्य, सार्थक गहतोड़ी आदि उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/नवीन जोशी-hindusthansamachar.in