चिदानंद ने समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर को याद किया
चिदानंद ने समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर को याद किया
उत्तराखंड

चिदानंद ने समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर को याद किया

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ऋषिकश, 26 सितम्बर(हि.स.)। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने शनिवार को महान समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की जयंती पर उन्हें यादकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि विद्यासागर ने समाज में व्याप्त रूढ़ियों और भ्रान्तियों को समाप्त कर उन्नत समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि वे बंगाल के प्रसिद्ध दार्शनिक, शिक्षाविद्, समाज सुधारक, लेखक, अनुवादक, मुद्रक, प्रकाशक, उद्यमी और परोपकारी व्यक्ति थे। वे बंगाल के पुनर्जागरण के स्तम्भों में से एक थे। वे नारी शिक्षा के प्रबल समर्थक थे। उनके प्रयास से ही कलकत्ता में एवं अन्य स्थानों में बालिका विद्यालयों की स्थापना हुई। उन्होंने विधवा पुनर्विवाह के लिए लोकमत तैयार किया। ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने अथक प्रयास किया तथा उनके प्रयासों के फलस्वरूप 1856 ई. में हिन्दू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित किया गया। हिन्दुस्थान समाचार/ विक्रम/मुकुंद-hindusthansamachar.in