चिदानंद ने भारत रत्न विश्वेश्वरैया को याद किया
चिदानंद ने भारत रत्न विश्वेश्वरैया को याद किया
उत्तराखंड

चिदानंद ने भारत रत्न विश्वेश्वरैया को याद किया

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ऋषिकेश, 15 सितम्बर (हि.स.)। परमार्थ निकेतन आश्रम के संस्थापक अध्यक्ष चिदानंद सरस्वती ने मंगलवार को अभियंता दिवस (इंजीनियर्स डे) पर भारत रत्न सर मोक्षगुंगडम विश्वेश्वरैया को याद किया। सरस्वती ने कहा कि महान अभियंता विश्वेश्वरैया की 160वीं जयंती है। इस मौके पर हम सबको नदियों की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए। उल्लेखनीय है कि विश्वेश्वरैया की स्मृति में 15 सितम्बर को अभियंता दिवस मनाया जाता है। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि एक इंजीनियर के रूप में एम. विश्वेश्वरैया ने देश के बहुत कुछ दिया है। सिन्धु नदी के पानी को सुक्कुर गांव तक पहुंचाया।नई सिंचाई प्रणाली ‘ब्लाक सिस्टम’ शुरू किया। बांध में इस्पात के दरवाजे लगवाए। मैसूर में कृष्णराज सागर बांध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह आधुनिक भारत के विश्वकर्मा और प्रयासों के भगीरथ हैं। सरस्वती ने कहा, आज सभी इंजीनियरों को भगीरथ बनने की जरूरत है। धरती पर भगीरथ पहले इंजीनियर थे जो गंगा को धरती पर लाए थे। हिन्दुस्थान समाचार /विक्रम/मुकुंद-hindusthansamachar.in