ग्रामीण महिला ने मंत्री के उपकारों के लिए कुमाऊंनी में गीत गाकर दी दुआ
ग्रामीण महिला ने मंत्री के उपकारों के लिए कुमाऊंनी में गीत गाकर दी दुआ
उत्तराखंड

ग्रामीण महिला ने मंत्री के उपकारों के लिए कुमाऊंनी में गीत गाकर दी दुआ

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नैनीताल, 22 नवम्बर (हि.स.)। देना उसे चाहिए जिसे आपके दिए हुए कि सर्वाधिक जरूरत हो। इसी सिद्धांत पर सरकारें अंतिम पायदान के व्यक्ति को योजनाओं को लाभ पहुंचाने का दावा करती हैं, परंतु लाभ पहुंचा पाता है या नहीं, इसका कभी भी सही मूल्यांकन नहीं हो पाता। क्योंकि जो वास्तविक जरूरतमंद होते हैं वे न ही अपनी जरूरत सही से बता पाते हैं, और न ही मिल जाने पर अपनी खुशी उजागर कर पाते हैं कि देने वाले को उसका पता चले। शनिवार को बेतालघाट में प्रदेश के परिवहन मंत्री यशपाल आर्य व उनके पुत्र विधायक संजीव आर्य ने जब आठ करोड़ रुपये की योजनाएं क्षेत्रवासियों को दीं तो उस कार्यक्रम में क्षेत्र के गांव हल्दयानी की एक ग्रामीण महिला की मूक जुबान कुमाऊंनी गीत के रूप में अनायास ही फूट पड़ी। उसे भीड़ के बीच किसी ने गुनगुनाते सुना तो उसे मंच पर ले आया गया, और माइक उसके हाथ में दे दिया गया। इस दौरान उसने बताया कि कैसे जनप्रतिनिधि चाहें तो जनता के दिल में हमेशा के लिए जगह बना सकते हैं। इस दौरान मंत्री यशपाल आर्य भी भावुक हुए बिना नहीं रह पाए। उन्होंने कहा, वह कहीं भी रहते हैं लेकिन बेतालघाट हमेशा उनके दिल में रहता है। आज वह जो कुछ भी हैं बेतालघाट वासियों के प्रेम, स्नेह की वजह से ही हैं। हिन्दुस्थान समाचार/नवीन जोशी/मुकुंद-hindusthansamachar.in