गंगा संरक्षण समिति के कामकाज की समीक्षा
गंगा संरक्षण समिति के कामकाज की समीक्षा
उत्तराखंड

गंगा संरक्षण समिति के कामकाज की समीक्षा

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हरिद्वार, 14 अक्टूबर (हि.स.)। जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में कामकाज की समीक्षा की। विभागीय अधिकारियों ने ब्यौरा प्रस्तुत किया। सीजीएम जल संस्थान आरके जैन ने जल संस्थान ने कनखल के आसपास कुछ रोड कटिंग की थी। इसके एवज में जल संस्थान ने नगर निगम हरिद्वार को 22 लाख रुपये दिये हैं। सभी नाले टैप हैं। पुराना नगर निगम, दूधाधारी चौक आदि में सीवर लाइन जल्द बिछाई जाएगी।इस दौरान ज्वालापुर में सीवर लाइन बिछाने की मांग की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि संयुक्त सर्वे कराने के आदेश दिए। आरके जैन ने कहा कि गंग नहर की ओर से गंगा में कुछ गन्दा पानी मिलता है। 15 अक्टूबर से गंग नहर की वार्षिक बन्दी होगी। पांच -सात दिन बाद नहर सूखने के पश्चात वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इससे पता चलेगा कि कहां पर गन्दा पानी मिल रहा है। जिलाधिकारी ने गंग नहर में जमा सिल्ट पर पूछा। अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम इसके लिए अभियान चलाता है। एनजीओ आदि का भी सहयोग लिया जाता है। जिलाधिकारी ने नगर निगम से कार्ययोजना मांगी है। गंगा म्यूजियम का उल्लेख करते हुये जिलाधिकारी ने कहा कि विजन बहुत अच्छा है, लेकिन इसके स्वरूप को और भव्य बनाने की आवश्यकता है। बैठक में नीरज कुमार, डीएफओ, आरके जैन, सीजीएम जल संस्थान, विनोद कुमार, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, हरिद्वार, स्वाति कालरा, जेआरएफ, यूकेपीसीबी, रूड़की, अरूण कुमार केसरवानी, एई, पीडी, पीडब्ल्यूडी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत/मुकुंद-hindusthansamachar.in