कर्म ही संसार की सबसे बड़ी पूजा है: संजय गुलाटी
कर्म ही संसार की सबसे बड़ी पूजा है: संजय गुलाटी
उत्तराखंड

कर्म ही संसार की सबसे बड़ी पूजा है: संजय गुलाटी

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-भेल में हर्षोल्लास से मनाया गया विश्वकर्मा दिवस हरिद्वार, 17 सितम्बर (हि.स.) । हस्तशिल्प, उद्योग, अभियांत्रिकी तथा वास्तु के आराध़्य भगवान विश्वकर्मा का जयन्ती दिवस आज बीएचईएल हरिद्वार में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस उपलक्ष्य में भेल की दोनों इकाइयों में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए ‘श्री विश्वकर्मा पूजन’ का संक्षिप्त आयोजन किया गया । बीएचईएल हरिद्वार के कार्यपालक निदेशक संजय गुलाटी ने दोनों पूजा स्थलों का भ्रमण किया तथा अनुष्ठान में प्रतिभागिता की। विश्वकर्मा जयन्ती पर सभी कर्मचारियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए संजय गुलाटी ने कहा कि विश्वकर्मा पूजा हमें सुख, शांति एवं उन्न्नति की ओर प्रेरित करती है । उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें शिक्षा देता है कि कर्म ही संसार की सबसे बडी पूजा है । उल्लेखनीय है कि इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण विश्वकर्मा दिवस के अवसर पर सभी विभागों में होने वाली पारम्परिक सामूहिक पूजा का आयोजन नहीं किया गया। हीप तथा सीएफएफपी दोनों इकाईयों में केवल एक-एक स्थान पर सांकेतिक पूजा की गई। इन पूजा कार्यक्रमों में सामाजिक दूरी एवं अन्य सभी सुरक्षा नियमों का गम्भीरता से पालन किया गया। इस पवित्र गरिमामय अवसर पर भेल हरिद्वार के महाप्रबन्धकगण, वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, यूनियन एसोसिएशन तथा फैडरेशन्स के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे । हिन्दुस्थानसमाचार/रजनीकांत-hindusthansamachar.in