कंटेनमेंट जोन पर डीएम ने की जनप्रतिनिधियों से चर्चा
कंटेनमेंट जोन पर डीएम ने की जनप्रतिनिधियों से चर्चा
उत्तराखंड

कंटेनमेंट जोन पर डीएम ने की जनप्रतिनिधियों से चर्चा

news

हरिद्वार, 24 जुलाई (हि.स.)। जिलाधिकारी सी रविशंकर की अध्यक्षता में कोविड 19 के पॉजिटिव मामलों के लिए बनाये गये कंटेनमेंट जोन की व्यवस्थाओं को लेकर औद्योगिक क्षेत्रों के विधायकों तथा उद्योग एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। डीएम ने बताया कि जिले में अभी तक कुल 215 कंटेनमेंट जोन बनाये गये हैं। प्रत्येक कंटेनमेंट जोन में एक हेल्प डेस्क बनायी जाती है। हेल्प डेस्क कंटेनमेंट जोन में आवश्यक जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति तथा आपात समस्याओं के निस्तारण का कार्य करती है। इसके बाद भी यदि हेल्प डेस्क द्वारा समय से कार्रवाई की शिकायत पर बैठक में विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए किसी एरिया में पॉजिटिव मरीज पाये जाने के लिए कंटेनमेंट की त्वरित कार्रवाई, मरीजों को ले जाने, लोगों की आवाजाही पर रोक तथा सैम्पलिंग, में देरी पर विधायकों के सुझाव पर जिलाधिकारी ने सभी वार्डों और पंचायतों में जनप्रतिनिधियो की निगरानी में एक कमेटी गठित किये जाने के निर्देश दिये। कमेटी में विधायक के प्रतिनिधि, वार्ड का पार्षद या प्रधान और प्रशासन से एक अधिकारी शामिल होंगे। यह प्रतिनिधि स्थानीय लोगों की समस्याओं को अधिक अच्छी तरह समझकर प्रशासन को अवगत कराते हुए समस्या में निस्तारण में सहयोग करेंगे। विधायकों ने कंटेनमेंट जोन में आने वाले कम्पनी कार्मिकों की सेवा पर संकट के भय को समाप्त करते हुए अपने कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य का आश्वासन दिये जाने की बात कही। किसी भी संक्रमित व्यक्ति के स्वस्थ्य होने पर उसके रोजगार को भी सुरक्षित रखा जाए। ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि इस संकट के दौर में जिला प्रशासन तथा उद्यमियों के साथ हैं लेकिन लोगों को इस समय रोजगार की अधिक आवश्यकता है इसलिए मानवीय रूख अपनाया जाए। राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त विनोद आर्य ने कहा कि संकट के दौर में मुख्यमंत्री की स्वरोजगार योजना का अनुपालन भी बैंकों द्वारा सख्ती से कराया जाए। जिलाधिकारी ने कंटेनमेंट जोन में बंद हो गये व्यक्ति की आकस्मिक तथा चिकित्सकीय सहायता करने के निर्देश दिए। लोगों की आजिविका की समस्या पर जिलाधिकारी एसडीएम को निर्देश दिये कि कंटेनमेंट में बंद हो गये आर्थिक तंगी वाले लोगों को चिन्हित करें, तथा कंटेनमेंट अवधि के लिए परिवार को राशन किट उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयां 10 प्रतिशत कार्मिकों सैम्पलिंग में अधिक स्वास्थ्य जोखिम वाले कार्मिकों पहले चिह्नित करें और सैम्पलिंग करायें। बैठक में भगवानपुर विधायक ममता राकेश, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर, राज्यमंत्री विनोद आर्य, अपर जिलाधिकारी वित्त केके मिश्र, एसडीएम कुश्म चौहान, कंटेंनमेंट नोडल अधिकारी स्मृता परमार सहित अन्य प्रभारी अधिकरी मौजूद रहे। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत/मुकुंद-hindusthansamachar.in