ऑनलाइन श्राद्ध तर्पण कराने वालों के खिलाफ  तीर्थ पुरोहित महासभा करेगी कार्रवाई
ऑनलाइन श्राद्ध तर्पण कराने वालों के खिलाफ तीर्थ पुरोहित महासभा करेगी कार्रवाई
उत्तराखंड

ऑनलाइन श्राद्ध तर्पण कराने वालों के खिलाफ तीर्थ पुरोहित महासभा करेगी कार्रवाई

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हरिद्वार, 13 सितम्बर (हि. स.)। ऑनलाइन पिंड दान तथा श्राद्ध तर्पण शास्त्र सम्मत नहीं है। ऐसा कार्य करने एवं कराने वालों के खिलाफ अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा कानूनी कार्रवाई करेगी। यह कहना है अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा (रजिस्टर्ड) के राष्ट्रीय वरिष्ठ महामंत्री श्रीकांत वशिष्ठ का। वशिष्ठ ने कहा कि साक्षात स्वयं उपस्थित रहकर ही किए गए पिंडदान पितरों को स्वीकार होते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग व संस्थायें धन उपार्जन करने के लालच में शास्त्रों एवं परंपराओं के विपरीत कार्य कर हिंदू धर्म की मर्यादाओं को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म के अनुसार प्रत्येक वर्ष श्राद्ध पक्ष में पूर्णिमा ,प्रतिपदा से अमावस्या तक श्राद्ध कर्म करने का विधान शास्त्रों में वर्णित है तथा श्राद्ध तर्पण आदि स्वयं उपस्थित होकर दक्षिणाभिमुख बैठकर बाएं हाथ में यज्ञोपवीत धारण कर पितरों को पुत्र ,पौत्र द्वारा तर्पण पिंडदान करने से ही पितरों का आशीर्वाद फल प्राप्त होता है। पितरों की कृपा से ही परिवार में धन संतान यश की वृद्धि होती है.अतःसभी हिन्दू सनातनी इस तरह के लोगो के झांसे में न आएं। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत/मुकुंद-hindusthansamachar.in