ऑनलाइन फ्रॉड कर खाते से निकाले गए 80 हजार रुपये पुलिस ने कराए वापस
ऑनलाइन फ्रॉड कर खाते से निकाले गए 80 हजार रुपये पुलिस ने कराए वापस
उत्तराखंड

ऑनलाइन फ्रॉड कर खाते से निकाले गए 80 हजार रुपये पुलिस ने कराए वापस

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चंपावत, 21नवम्बर (हि.स.)। पुलिस के प्रयास से एक व्यक्ति को उसके खाते से उड़ाई गई 80 हजार रुपये की रकम वापस मिल गई है। जनवरी में टनकपुर के मुस्तफा अंसारी निवासी इमली पड़ाव के भारतीय स्टेट बैंक शाखा टनकपुर के खाते से कुछ अज्ञात लोगों ने उसकी पहचान चोरी कर फर्जी आधार कार्ड का प्रयोग कर अलग-अलग तिथियों में ऑनलाइन 80 हजार रुपये निकाल लिए थे। मुस्तफा ने बैंक खाते में मैसेज अलर्ट प्रक्रिया को सक्रिय कराया था। मगर पैसे निकाले जाने का कोई मैसेज नहीं आया। इसके चलते उसे धनराशि निकलने की जानकारी नहीं हो सकी। इस मामले में पुलिस ने थाना टनकपुर में धारा 420, 66 सी, डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। एसआई तेज कुमार के नेतृत्व में गठित टीम मामले के खुलासे में जुटी। टीम ने साइबर सेल की मदद से पैसे निकालने वालों की पहचान तो कर ली, लेकिन वे दिल्ली एवं पश्चिम बंगाल के निकले। उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस ने नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली, पश्चिम बंगाल के कई शहरों में दबिश दी, लेकिन साइबर क्राइम करने वाले हाथ नहीं लगे। पुलिस के मुताबिक मुस्तफा ने अपने खाते में मैसेज अलर्ट प्रक्रिया को सक्रिय किया था। बावजूद इसके बैंक ने अलग-अलग तिथियों में ऑनलाइन फ्रॉड के माध्यम से निकाली गयी दस-दस हजार रुपये की धनराशि का कोई मैसेज अलर्ट नही भेजा। इस कारण उसे अपने खाते से धनराशि निकलने के बारे में कोई जानकारी नही हो पायी अन्यथा वह एक ही बार में धनराशि कटने पर अपने खाते को बन्द कर सकता था। इस पर एसपी लोकेश्वर सिंह ने बैंक की कमी पाते हुए शाखा प्रबन्धक भारतीय स्टेट बैंक टनकपुर को मुस्तफा की धनराशि वापस कराये जाने को लेकर पत्राचार किया। एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया है कि बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक से पत्राचार कर मुस्तफा के खाते में 80 हजार रुपये जमा करा दिए हैं। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव मुरारी/मुकुंद-hindusthansamachar.in