एक लाख गिलोय वितरित करने के लक्ष्य के साथ जड़ी-बूटी सप्ताह की शुरू
एक लाख गिलोय वितरित करने के लक्ष्य के साथ जड़ी-बूटी सप्ताह की शुरू
उत्तराखंड

एक लाख गिलोय वितरित करने के लक्ष्य के साथ जड़ी-बूटी सप्ताह की शुरू

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हरिद्वार, 30 जुलाई (हि.स.)। आगामी 04 अगस्त को पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण का जन्मदिवस ‘जड़ी-बूटी दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। प्रत्येक वर्ष इस दिन पतंजलि के विविध संगठनों व इकाइयों के माध्यम से देश के लगभग प्रत्येक जिले में 5,000 से 10,000 औषधीय पौधों का निःशुल्क वितरण किया जाता है। वर्तमान में कोरोना संक्रमण काल के चलते गिलोय के औषधीय प्रयोगों को ध्यान में रखकर इस वर्ष पतंजलि परिवार ने सावन की वर्षा ऋतु में एक लाख गिलोय के पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा है। देश के साथ-साथ प्रदेश में भी इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए पतंजलि योग समिति के मुख्य केन्द्रीय प्रभारी राकेश ने प्रदेश के चार जिलों हरिद्वार, रुड़की, ऋषिकेश, देहरादून की इकाइयों की ऑनलाइन बैठक कर समस्त कार्यकर्ताओं को दिशानिर्देश दिए। बैठक में राज्य प्रभारी भास्कर औली, सीमा, प्रवीण आर्य, सुरेश, प्रभात आर्य, देशबन्धु आदि ने अपने-अपने सुझाव रखे। चारों जिला इकाइयों के लगभग 1,000 कार्यकर्ता इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूर्ण उत्साह से जुटे हैं। कार्यकर्ता गांव-गांव, गली-गली जाकर गिलोय के औषधीय गुणों के विषय में लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ निःशुल्क गिलोय के पौधे वितरित कर रहे हैं। इसी क्रम में पतंजलि योग समिति के मुख्य महिला केन्द्रीय प्रभारी साध्वी आचार्या देवप्रिया, मुख्य केन्द्रीय प्रभारी डॉ. जयदीप आर्य व राकेश, राहुल, प्रवीण आदि ने प्रेमनगर आश्रम चौक से सिंहद्वार तक तमाम व्यक्तियों को गिलोय के पौधे वितरित किये। इस अवसर पर राकेश ने कहा कि गिलोय अमृत के समान लाभकारी है। देवताओं और दानवों के बीच समुद्र मंथन के दौरान जब अमृत निकला और इस अमृत की बूंदें जहां-जहां छलकीं, वहां-वहां गिलोय की उत्पत्ति हुई। यह महौषधि बहुत से रोगों में रामबाण है। यह प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत कर रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीआक्सीडेंट्स होते हैं। उन्होंने कहा कि गिलोय एक ऐसी बेल है, जिसे आप सौ मर्ज की एक दवा कह सकते हैं। इसलिए इसे संस्कृत में अमृता नाम दिया गया है। हम इस औषधि का प्रयोग करके स्वयं को तथा राष्ट्र को स्वस्थ बनायें, यही पतंजलि योगपीठ का जन-जागरण का अभियान है। डॉ. जयदीप आर्य ने कहा कि गिलोय कोलेस्ट्रोल को भी कम करती है तथा रक्त में शुगर के नियंत्रण में सहायता करती है। इसके नित्य सेवन से चेहरे पर तेज आता है और असमय ही झुर्रियां नहीं पड़ती। यह त्रिदोष नाशक है। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत-hindusthansamachar.in