उपनलकर्मियों ने चौथे दिन भी काला फीता बांध कर किया कार्य
उपनलकर्मियों ने चौथे दिन भी काला फीता बांध कर किया कार्य
उत्तराखंड

उपनलकर्मियों ने चौथे दिन भी काला फीता बांध कर किया कार्य

news

नई टिहरी, 23 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर उपनल से संविदा पर विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों, पूर्व सैनिक, सैनिक परिवार की महिलाओं ने काम के दौरान काला फीता बांधकर चौथे दिन भी अपना विरोध जारी रखा। इनकी मांग है कि उनका मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के चलते उनके पदों पर भर्ती न की जाय। उपनल कर्मियों की मांग है कि हिमाचल प्रदेश व हरियाणा सरकार की तर्ज पर उत्तराखंड में भी सरकार को संविदा कर्मचारियों के पक्ष में पैरवी करनी चाहिए। उपनल के नेताओं ने कहा कि 2016 में उपनलकर्मियों के चलाये आंदोलन को लेकर तत्कालीन विपक्ष दल भाजपा ने वादा किया था कि सत्ता में आने पर उपनलकर्मियों को समान काम का समान वेतन देने और उनके सुरक्षित भविष्य को लेकर नियमावली बनायेंगे। लेकिन सरकार बनने के बाद भाजपा अपने वादे से पलट गई और हाईकोर्ट के समान कार्य समान वेतन और सुरक्षित भविष्य को लेकर दिये आदेश के खिलाफ भाजपा सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई है। उन्होंने कहा कि हमारी मांगों के समर्थन में जो जनप्रतिनिधि साथ थे अब वह भी सता में आने के बाद कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। बीते दो सालों में उपनलकर्मियों के वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। उन्होंने कहा कि उपनल संविदा कर्मचारी संघ की ओर से 27 जुलाई को रक्तदान शिविर में सभी रक्तदान करेंगे। विरोध करने वालों में जिलाध्यक्ष उपनल संगठन हरीश नेगी, उपाध्यक्ष गौरव, परमार, त्रिभुवन बसेरा, अचल वर्मा, कमल गढ़िया, प्रकाश उपाध्याय, पवन डूंगरिया, अमित भट्ट, मनोज गडकोटी, प्रदीप डोभाल, शीशपाल राणा, मनोज कुमार, राकेश पांडे, प्रवीन पांडे आदि शामिल रहे। हिन्दुस्थान समाचार/प्रदीप डबराल/-hindusthansamachar.in