उत्तराखंड लौटे सूरज ने गांव में खोला सैलून, प्रवासियों को दिखाया आईना
उत्तराखंड लौटे सूरज ने गांव में खोला सैलून, प्रवासियों को दिखाया आईना
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उत्तराखंड लौटे सूरज ने गांव में खोला सैलून, प्रवासियों को दिखाया आईना

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- दिन के पांच से छह सौ रुपये कमा रहा गोपेश्वर, 31 जुलाई (हि.स.)। चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकास खंड के सिदोली गांव के 27 वर्षीय सूरज ने गांव मे खुद का सैलून खोलकर स्वरोजगार शुरू कर दिया है। ऐसे में अब रानिगढ़ पट्टी के चोरड़ा, गेन्थी, खरसाई, नलगांव, देवल आदि गांवों के लोगो को 16 किलोमीटर दूर बाल, दाढ़ी बनाने के लिए अब गौचर नहीं जाना पड़ रहा है। कर्णप्रयाग के सिदोली कांडई गांव के सूरज सात भाई बहनों में सबसे बड़ा है। वर्ष 2012 में राजकीय इंटर कॉलेज सिदोली से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद रोजगार की तलाश में सूरज शहरों की ओर चला गया था। काम की तलाश में सूरज ने कुछ साल रुद्रपुर, हरिद्वार आदि जगहों में प्राइवेट कंपनियों में काम किया लेकिन कोरोना वायरस के चलते हुए लॉक डाउन के चलते सूरज वापस अपने गांव आ गया था। ऐसे में सूरज ने गांव में ही रोज़गार करने की सोची। इसमें सूरज को ग्रामीणों का सहयोग मिला और उसने सिदोली में एक सैलून की दुकान खोली। सूरज बताते हैं कि सैलून की दुकान खोले उन्हें एक महीना हो चुका है। अभी वह प्रतिदिन पांच से छह सौ रुपये तक कमा रहे हैं। पूर्व पालिका अध्यक्ष गौचर मुकेश नेगी, कांग्रेस प्रदेश महामंत्री हरिकृष्ण भट्ट, भाजपा चमोली जिला महामन्त्री समीर मिश्रा, लक्ष्मण सिंह राणा आदि ने सूरज की तारीफ करते हुए कहा कि सूरज ने पहाड़ छोड़ रहे युवाओं को आईना दिखाया है। उन्होंने कहा कि पहाड़ो में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं है। युवाओं को अधिक से अधिक स्वरोजगार करना चाहिए। हिन्दुस्थान समाचार/जगदीश-hindusthansamachar.in