उत्तराखंड में महिलाओं के बनाये जैविक उत्पादों की मार्केटिंग जरूरीः राज्यपाल
उत्तराखंड में महिलाओं के बनाये जैविक उत्पादों की मार्केटिंग जरूरीः राज्यपाल
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उत्तराखंड में महिलाओं के बनाये जैविक उत्पादों की मार्केटिंग जरूरीः राज्यपाल

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देहरादून, 15 अक्टूबर (हि.स.)। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं द्वारा बनाये गये उत्पादों तथा राज्य के जैविक उत्पादों की राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी मार्केटिंग बहुत आवश्यक है। राज्य के स्थानीय जैविक उत्पादों के उत्पादन तथा मार्केटिंग को प्रोत्साहित करके यहां की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सकता है। राज्यपाल गुरुवार को राजपुर रोड, देहरादून स्थित एक स्थानीय होटल में उत्तराखंड के जैविक उत्पादों को समर्पित यलो हिल्स संस्था की वेबसाइट का शुभारम्भ तथा संस्था की पत्रिका का विमोचन करने के बाद समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक खेती की तकनीकी जानकारी देकर उन्हें खाद्यान्न उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। राज्य के शिक्षित युवाओं को अपने गांवों को ही अपना कार्यक्षेत्र बनाना चाहिए। उत्तराखंड की स्थानीय जैविक चाय के बागानों की चाय देश व दुनिया के उपभोक्ताओं तक पहुंचनी चाहिए। उत्तराखंड राज्य विश्वभर में जैविक उत्पादों का एक बड़ा आपूर्तिकर्ता बन सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाएं परिश्रमी तथा प्रतिभावान है लेकिन उन्हें व्यावसायिक कौशल भी सीखना होगा। इस अवसर पर वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि स्वरोजगार से जुड़कर राज्य के युवा तथा महिलाएं आजीविका कमा सकते हैं तथा स्थानीय आर्थिकी को सशक्त कर सकते हैं। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड में 6.5 लाख हेक्टेयर भूमि में ऑर्गेनिक फार्मिंग की जा रही है। उत्तराखंड राज्य गत दो वर्षों से निरन्तर श्रेष्ठ ऑर्गेनिक स्टेट का पुरस्कार प्राप्त कर रहा है। राज्य में ऑर्गेनिक खेती के लिए अलग से कानून लाया गया है। महिला उत्थान एवं बाल कल्याण संस्थान तथा यलो हिल्स संस्था की अध्यक्ष अनुकृति गुंसाई रावत ने कहा कि राज्य में स्वरोजगार के माध्यम से ही पलायन को रोका जा सकता है। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करके ही महिला सशक्तीकरण को आगे बढ़ाया जा सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/दधिबल-hindusthansamachar.in