उत्तराखंड में पशुओं की स्थानीय प्रजातियों का भी करें संरक्षण: मुख्यमंत्री

उत्तराखंड में पशुओं की स्थानीय प्रजातियों का भी करें संरक्षण: मुख्यमंत्री
उत्तराखंड में पशुओं की स्थानीय प्रजातियों का भी करें संरक्षण: मुख्यमंत्री

- मुख्यमंत्री ने विकास भवन में ली जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक - उद्यान व कृषि के क्षेत्र में हुए कार्यो को बताया बेहतर पौड़ी, 12 सितम्बर (हि.स.)। जनपद मुख्यालय में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक के दौरान सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि पशुओं की स्थानीय प्रजातियों के संरक्षण का ध्यान भी रखा जाए। स्थानीय नस्लें भी बचा कर रखनी होंगी। पशुओं की स्थानीय प्रजातियों की अपनी महत्ता है। उन्होंने जनपद में हुए विकास कार्यो पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि कृषि व उद्यान के क्षेत्र में बेहतर कार्य हुआ है। शनिवार को सीएम त्रिवेंद्र रावत ने विकास भवन सभागार में जनपद स्तर के अधिकारियों के साथ विकास कार्यो की समीक्षा बैठक ली। जल निगम व जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए सीएम ने कहा कि पेयजल कनेक्शन देने के लिए विभाग प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश स्तर पर प्रतिदिन 3 हजार कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसलिए जनपद स्तर पर भी प्रतिदिन का लक्ष्य रखा जाए। सीएम ने बंद सड़कों को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोलने के निर्देश भी दिए। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कैंपा के तहत हो रहे कार्यो में 30 फीसदी ही खर्च हुआ है। इस पर मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि कैंपा के तहत कार्यो को बढ़ाते हुए 70 फीसदी तक धनराशि खर्च करें। पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए सीएम ने कहा कि वर्तमान में पूरे प्रदेश में राजस्थानी बकरी पाली जा रही है लेकिन हमें स्थानीय नस्ल के बचाव का भी ध्यान रखना होगा। स्थानीय नस्ल की अपनी महत्ता होती है। बकिरयों की हिमालय नस्ल का ध्यान रखा जाए। बैठक में जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने जनपद में उद्यान, कृषि, पशुपालन व होम स्टे के क्षेत्र में हुए कार्यो को प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने जनपद में हुए विकास कार्यो को बेहतर बताते हुए संतुष्टि जताई। बैठक में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत, पौड़ी विधायक मुकेश कोली, एसएसपी पी रेणुका देवी सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे। लघु सिचाईं में होता है गड़बड़ झाला मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु सिचाई विभाग के अधिकारी बरसात में गूलों की फोटो खींच कर रख देते हैं और बैठकों में इन्हीें फोटो को दिखाते हैं जबकि वास्तविकता में अधिकांश गूलों में पानी नहीं होता है या फिर गूल होती ही नहीं है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को ऐसा न करने की हिदायत दी। जल संस्थान व जल निगम में नहीं है समन्वय: कोली समीक्षा बैठक के दौरान पौड़ी विधायक मुकेश कोली ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत से शिकायत करते हुए कहा कि जल संस्थान व जल निगम के अधिकारियों के बीच योजनाओं के निमार्ण के लिए समन्वय नहीं है। इससे पेयजल योजनाएं अधर में हैं। विधायक ने कहा कि अधिकारियों के बीच समन्वय न होने के कारण योजनाएं शासन तक नहीं पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री ने डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल को दोनों विभागों के अधिकारियों से वार्ता करने के लिए कहा। दिसम्बर तक तैयार हो जाएगी ल्वाली झील मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सिचांई विभाग के अधिशासी अभियंता से ल्वाली झील निर्माण कार्य की जानकारी ली। इस पर अधिशासी अभियंता ने बताया कि निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। इस वर्ष दिसंबर माह तक निर्माण कार्य हर हाल में पूरा हो जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/राज-hindusthansamachar.in

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