ई-लोक अदालत में 2004 मामले निस्तारित
ई-लोक अदालत में 2004 मामले निस्तारित
उत्तराखंड

ई-लोक अदालत में 2004 मामले निस्तारित

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नैनीताल, 13 सितम्बर (हि.स.)। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को पूरे प्रदेश में पहली बार आयोजित ई-लोक अदालत में करीब 25 करोड़ रुपये के 2004 मामले निस्तारित किए गए। इनमें 21.28 करोड़ रुपये की समझौता राशि के पूर्व से रखे 1787 एवं 4.02 करोड़ रुपये के 217 प्री-लिटिगेशन स्तर के मामले निस्तारित किए गए। यह जानकारी प्राधिकरण के सदस्य सचिव डॉ. जीके शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि कार्यपालक अध्यक्ष एवं उत्तराखंड उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि कुमार मलिमथ के दिशा-निर्देशन एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के तत्वावधान में कोरोना की वजह से पहली बार आयोजित हुई इस ई-लोक अदालत में बैंक और धन वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, धारा 138 एनआई अधिनियम, धारा 9 हिंदू विवाह अधिनियम के तहत पारिवारिक विवाद, सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण-पोषण सम्बन्धी और समान प्रकृति के अन्य मामलों को आपसी सहमति के आधार पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निस्तारित किया गया। ई-लोक अदालत के लिए उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ सहित प्रदेश भर की अदालतों में 136 खंडपीठ गठित की गईं। इनके माध्यम से उच्च न्यायालय में 2.79 करोड़, अल्मोड़ा जनपद में 77.54 लाख, बागेश्वर में 29.55 लाख, चमोली में 58.65 लाख, चंपावत में 5.31 लाख, देहरादून में 4.81 करोड़, हरिद्वार में 2.76 करोड़, नैनीताल में 1.22 करोड़, पौड़ी में 27.24 लाख, पिथौरागढ़ में 64.07 लाख, रुद्रप्रयाग में 26.22 लाख, टिहरी में 28.73 लाख, ऊधमसिंह नगर में सर्वाधिक 6.06 करोड़ एवं उत्तरकाशी में 43.75 लाख रुपये के समझौते कराए गए। डॉ. शर्मा ने बताया कि इनके अलावा 217 वाद प्री-लिटिगेशन स्तर पर भी निपटाए गए और इनमें कुल 4.02 करोड़ रुपये की समझौता राशि निहित थी। हिन्दुस्थान समाचार/नवीन जोशी/मुकुंद-hindusthansamachar.in