अन्तिम छोर पर रह रहे व्यक्ति तक मौलिक सुविधाओं को पहुंचाना होगाः स्वामी चिदानन्द सरस्वती
अन्तिम छोर पर रह रहे व्यक्ति तक मौलिक सुविधाओं को पहुंचाना होगाः स्वामी चिदानन्द सरस्वती
उत्तराखंड

अन्तिम छोर पर रह रहे व्यक्ति तक मौलिक सुविधाओं को पहुंचाना होगाः स्वामी चिदानन्द सरस्वती

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- विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु सरकार के साथ जन भागीदारी आवश्यकः गजेन्द्र सिंह शेखावत ऋषिकेश, 22 सितम्बर(हि.स.) । परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलायंस (जीवा) के सह-संस्थापक अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती और जीवा की अन्तरराष्ट्रीय महासचिव, साध्वी भगवती सरस्वती ने आज ‘कोई पीछे न छूटे’ लीव नो वन बिहाइंड वेबिनार में कहा कि समाज के सभी वर्गो को मुख्य धारा में लाना ही इस वेबिनाॅर का उद्देश्य है। छठे सतत विकास लक्ष्य, एसडीजी -6, भारत के स्वैच्छिक राष्ट्रीय समीक्षा के दौरान 14 कमज़ोर और जोखिम वाले समूहों से ‘लीव नो वन बिहाइंड’ विशेष वेबिनार में सहभाग हेतु आमंत्रित किया। आज के इस सम्मेलन का उद्घाटन केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया। साथ ही जल, स्वच्छता और स्वच्छता विषयों के सम्मानित लीडर्स के पैनल ने इस वेबिनार में सहभाग किया। सुश्री रेनाटा लोक-डेसालियन, यूएन रेज़िडेन्ट कोर्डिनेटर इन इन्डिया, सुश्री सू कोट्स, जल आपूर्ति और स्वच्छता सहयोग परिषद (डब्ल्यूएसएससीसी) की उप कार्यकारी निदेशक, यू पी सिंह सचिव, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार, नीति आयोग भारत सरकार के लिए एसडीजी की वरिष्ठ सलाहकार, सुश्री संयुक्ता सामद्त्तर (आईएएस), विनोद मिश्रा , भारत समर्थन इकाई के प्रमुख (डब्ल्यूएसएससीसी), एनरिको मुरोत एप्रोसियो, ‘लीव नो वन बिहाइंड‘ के तकनीकी विशेषज्ञ, ईक्यूएनडी और जेंडर, डब्ल्यूएसएससीसी, तथा रामिसेट्टी मुरली, फ्रेश वाॅटर एक्शन नेटवर्क दक्षिण एशिया आदि अन्य विख्यात हस्तियों ने सहभाग कर अपने विचार व्यक्त किये। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की जल और माँ गंगा के प्रति संवेदनशीलता, सजगता, सक्रियता और सृजनशीलता देखकर मुझे पूरा विश्वास है आने वाले दिनों में भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को यह संदेश जायेगा कि गंगा जी का स्वरूप कितना अद्भुत है। उन्होंने बताया कि हमने मंत्री के साथ लैंडफिल्स-लैंड फ्री बन सके, ग्राउंड वाॅटर के स्थान पर ग्रे वाॅटर पर भी विगत वर्ष विशेष चर्चा की थी। संयुक्त राष्ट्र 2030 एजेंडा फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट द्वारा उल्लिखित इन संवर्धित और समर्पित लीडर्स का जमीनी कार्य 2030 तक सभी के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करना है। लीव नो वन बिहाइंड वैश्विक वेबिनाॅर में युवा, महिलायें, बच्चे, दलित, आदिवासी, ट्रांसजेंडर और लेस्बियन, प्रवासियों, शहरी गरीब, दिव्यांग लोग, बुजुर्ग, किशोर, किसान और भ्प्ट से पीड़ित लोग, झोंपड़ीवासी, बेघर, मैला ढोने वाले, यौनकर्मी आदि को भारत के विभिन्न राज्यों से कई लोगो ने सहभाग किया। इसके माध्यम से वाॅटर, सैनिटेशन और हाइजीन, मासिक धर्म स्वच्छता, ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन (जैविक, प्लास्टिक, ग्रे वॉटर और मल, कीचड़ प्रबंधन) पर चर्चा की गयी। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और जीवा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वास्तव में वर्तमान समय में जल के संरक्षण पर इस प्रकार की प्रभावकारी वार्ताओं का आयोजन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत भारी जनसंख्या घनत्व वाला राष्ट्र है परन्तु भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में सरकार ने स्वच्छ जल, स्वच्छता, शौचालय के साथ भारत के अधिकाश घरों में बिजली, बैंकिग की सुविधायें और कई परिवारों को घर की सुविधायें प्रदान कीं और निरंतर हम इन लक्ष्यों को प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए सरकार के साथ जन भागीदारी बहुत जरूरी है तभी हम विकास लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। हिन्दुस्थान समाचार /विक्रम-hindusthansamachar.in